By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 19, 2022
नयी दिल्ली। वायुसेना ने लघु अवधि के लिए सेनाओं की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ योजना’ को लेकर देश के कई राज्यों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, इस योजना को लेकर रविवार को विस्तृत जानकारी जारी की। वायुसेना ने योजना संबंधी अपने नोट में ‘अग्निपथ’ को सशस्त्र बलों के लिए एक नई मानव संसाधन प्रबंधन योजना बताया और कहा कि बल में भर्ती अभ्यर्थी वायुसेना अधिनियम, 1950 से शासित होंगे। इसने कहा कि सेवा अवधि पूरी होने से पहले स्वयं को सेवामुक्त करने का ‘अग्निवीर’ का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा और केवल असाधारण मामलों में इसकी अनुमति होगी तथा सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद ही ऐसा किया जाएगा।
नयी योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा। इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य सैन्यकर्मियों की औसत आयु को कम करना और बढ़ते वेतन एवं पेंशन बिल में कटौती करना है। वायुसेना ने कहा, ‘‘चार साल की अवधि के बाद सभी अग्निवीर समाज में लौट जाएंगे। बहरहाल, वायुसेना द्वारा घोषित संगठनात्मक आवश्यकताओं और नीतियों के आधार पर बाहर निकलने वाले अग्निवीरों को वायुसेना के नियमित काडर में नामांकन के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा।’’ उसने कहा, ‘‘प्रत्येक अग्निवीर द्वारा प्राप्त कौशल के लिए एक प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जो उसके बायोडाटा का हिस्सा बनेगा। इन आवेदनों पर एक केंद्रीकृत बोर्ड पारदर्शी तरीके से विचार करेगा और वायुसेना में मूल अग्निवीरों के विशिष्ट बैच की संख्या के अधिकतम 25 प्रतिशत सैनिकों को प्रदर्शन के आधार पर शामिल किया जाएगा।’’
इसके बाद, अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए चुने जाने का कोई अधिकार नहीं होगा और उनका चयन सरकार का विशेषाधिकार होगा। वायुसेना ने कहा कि केवल उन्हीं अग्निवीरों को नियमित सेवा में बरकरार रखा जाएगा, जो इससे पहले का चार साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। उसने कहा कि योजना के तहत अग्निवीरों को संगठनात्मक हित में कोई भी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है और वे मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार सम्मान और पुरस्कार के हकदार होंगे। उसने कहा कि अग्निवीर कार्य अवधि के दौरान अपनी वर्दी पर एक विशिष्ट प्रतीक चिह्न लगाएंगे। वायुसेना ने कहा कि छुट्टी की अनुमति संगठन की आवश्यकताओं के अनुसार दी जाएगी। उसने बताया कि प्रत्येक अग्निवीर को 30 दिन की वार्षिक छुट्टी दी जाएगी, जबकि बीमारी की छुट्टी ‘‘चिकित्सकीय सलाह’’ पर निर्भर करेगी। उसने कहा कि अग्निवीरों को भारतीय वायुसेना में एक अलग रैंक दिया जाएगा, जो किसी भी अन्य मौजूदा रैंक से अलग होगा। अग्निवीरों को नई योजना के सभी नियमों और शर्तों को स्वीकार करना होगा।