जिस ‘आगरा माॅडल’ की कभी हुई थी तारीफ, वहां संदिग्धों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार करते दिखे कर्मचारी

By अभिनय आकाश | Apr 27, 2020

उत्तर प्रदेश में कोरोना के अब तक 1873 माममले सामने आए हैं। कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक 372 मामले आगरा से हैं। आगरा में 49 लोग पूर्णतया उपचारित हो चुके हैं जबकि दस लोगों की मौत हो गयी है। लेकिन आगरों बीते कई दिनों से सुर्खियों में रहा है। पहले तो कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए आगरा मॉडल की काफी तारीफ हुई थी। जिस आगरा मॉडल की शुरुआत में तारीफ़ हुई थी, अब वहीं से क्‍वारेंटाइन सेंटर में फैली अव्यवस्था की तस्वीरें सामने आई हैं।

आगरा के क्वारंटाइन सेंटर में संदिग्‍ध मरीजों के साथ अछूतों जैसा व्‍यवहार करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे लोगों के लिए खाने-पीने का सामान गेट के बाहर रख दिया गया है। गेट बंद है और क्वारंटाइन में जिन लोगों को रखा गया है उन्हें किसी तरह से इसे उठाना पड़ रहा है। खाना-पानी भी मिलना मुश्किल दिख रहा है।

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वीडियो में क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को खाने-पीने का सामान फेंक कर दिया जा रहा है। सेंटर का गेट बंद है और गेट के बाहर सामान रख दिया गया है। लोग गेट के अंदर से हाथ डाल कर सामान उठा रहे हैं। पीपीई किट पहने एक शख्स आता है। वह गेट के सामने वह बिस्किट के पैकेट फेंक देता है। इसी तरह से चाय के कप भी गेट के बाहर ही रखे गए हैं। वीडियो में पुलिस और प्रशासन के लोग भी नज़र आ रहे हैं। प्रशासन ने दी सफाई 

आगरा के जिला मजिस्ट्रेट प्रभु नारायण सिंह ने कहा कि यह कुछ दिन पहले ऐसा हुआ था, और "अब सब कुछ ठीक है"। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा है कि स्थिति का ध्यान रखा गया है। डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। 

आगरा माडल की केंद्र ने की थी तारीफ

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए तैयार किया गया आगरा मॉडल काफी कारगर साबित हुआ था। इस मॉडल की मदद से प्रशासन ने जिले में कोरोना की चेन को तोड़ दिया था। खुद स्वास्थ्य विभाग ने आगरा मॉडल की तारीफ करते हुए अन्य राज्यों से इस मॉडल का अनुसरण करने की अपील की थी।

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