By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 14, 2026
टीमलीज एडटेक के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शांतनु रूज ने कहा कि दुनिया में एआई आधारित बदलाव की मौजूदा प्रक्रिया अब अपरिवर्तनीय है, लेकिन नियमन एवं इसके इस्तेमाल की लागत अंततः यह तय करेगी कि एआई कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी में कितनी तेजी तथा गहराई से पैठ बनाता है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल मुख्यधारा में आने के साथ केवल एआई कौशल होना अब किसी व्यक्ति को दूसरों के मुकाबले बढ़त नहीं देगा। इसके बजाय, अपने क्षेत्र की जानकारी, बाजार एवं ग्राहकों की समझ रखने वाले तथा एआई का इस्तेमाल कर कारोबारी फायदा बढ़ाने की क्षमता रखने वाले लोगों को फायदा मिलेगा।
उन्होंने स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं, प्रमुख एआई कंपनियों के बीच समन्वय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रस्ताव दिया है। वहीं सैम ऑल्टमैन ने सप्ताहांत में की गई टिप्पणियों में कथित तौर पर कहा कि ओपनएआई 2026 में सार्वजनिक कंपनी नहीं बनेगी। इससे एआई से जुड़े सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर ध्यान गया है, जिनमें एआई के कारण मानव जाति के विलुप्त होने का 10 प्रतिशत जोखिम वाला परिदृश्य ‘‘अस्वीकार्य’’ माना गया है।
गौरतलब है कि एआई एजेंट के नियंत्रण से बाहर होकर बाहरी प्रणालियों को हैक करने और इंसानों के निर्देशों को न मानने के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा, एआई सुरक्षा शोधकर्ताओं के नौकरी छोड़ने और प्रौद्योगिकी से जुड़े जोखिमों पर सोशल मीडिया में अपनी गंभीर चिंताएं जाहिर करने से भी दुनियाभर में चिंता बढ़ी है।