AI Impact Summit: दिल्ली में वैश्विक दिग्गजों का जमावड़ा, Abu Dhabi क्राउन प्रिंस से UN चीफ तक पहुंचे

By Ankit Jaiswal | Feb 18, 2026

नई दिल्ली में इन दिनों वैश्विक कूटनीति और प्रौद्योगिकी का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के नेता और तकनीकी विशेषज्ञ एक मंच पर जुट रहे हैं। इसी क्रम में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान बुधवार को दिल्ली पहुंचे।

मौजूद जानकारी के अनुसार, केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने हवाईअड्डे पर उनका स्वागत किया। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत और यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी, निवेश, रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग तेजी से बढ़ा है, और एआई को दोनों देशों के भविष्य के सहयोग का प्रमुख क्षेत्र माना जा रहा है।

इसी दिन संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी नई दिल्ली पहुंचे। उनका स्वागत केंद्रीय कॉरपोरेट कार्य तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने किया। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि यह दौरा बहुपक्षवाद, सतत विकास और वैश्विक शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।

बता दें कि सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई द्विपक्षीय बैठकें कीं। इनमें क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो और स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज़ शामिल रहे। इसके अलावा गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुन्दर पिचाई से भी उनकी मुलाकात हुई, जिसमें एआई नवाचार और डिजिटल अवसंरचना पर चर्चा हुई।

अन्य देशों के प्रतिनिधियों में मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले और स्वीडन की उपप्रधानमंत्री एब्बा बुश भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि यह शिखर सम्मेलन 16 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में नीति निर्माता, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, शिक्षाविद, प्रौद्योगिकी नवप्रवर्तक और नागरिक समाज के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर एआई के जिम्मेदार उपयोग, नियमन, नवाचार और साझेदारी को बढ़ावा देना है।

भारत लंबे समय से डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डेटा-आधारित शासन मॉडल को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करता रहा है। ऐसे में यह शिखर सम्मेलन देश के लिए तकनीकी नेतृत्व और निवेश आकर्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

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