PwC India Report: भारत में AI बनेगा Manufacturing Sector की रीढ़, ग्लोबल स्तर से आगे निकले भारतीय विनिर्माता

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 29, 2026

भारत के औद्योगिक विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां कृत्रिम मेधा (एआई) को अपनी कारोबारी रणनीति, परिचालन मॉडल और दैनिक कामकाज में कितनी सहजता से शामिल करती हैं। पीडब्ल्यूसी इंडिया ने बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही। ‘रीराइटिंग द रूल्स: द नेक्स्ट चैप्टर ऑफ इंडियन इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग’ शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 59 प्रतिशत औद्योगिक विनिर्माताओं का मानना है कि अगले पांच वर्ष में रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ हालांकि, एआई को लेकर महत्वाकांक्षाएं व्यापक हैं, लेकिन असली परीक्षा और दीर्घकालिक मूल्य सृजन की कुंजी इसके प्रभावी क्रियान्वयन में निहित होगी।’’ इसके अनुसार, भारतीय विनिर्माता अगले पांच वर्ष में पूरी मूल्य श्रृंखला में स्वचालन की रफ्तार भी बढ़ा रहे हैं। इसमें सबसे आगे डेटा संग्रहण एवं विश्लेषण (82 प्रतिशत) है।

इसके बाद गुणवत्ता आश्वासन (69 प्रतिशत), योजना एवं पूर्वानुमान (65 प्रतिशत) तथा ग्राहकों के साथ संवाद (63 प्रतिशत) का स्थान है। पीडब्ल्यूसी इंडिया के साझेदार एवं विनिर्माण क्षेत्र के प्रमुख विनोद कुमार ने कहा कि भारत के विनिर्माण क्षेत्र के लिए अवसर अब केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है।

यह एआई, स्वचालन और आंकड़ा-आधारित निर्णय प्रक्रिया का उपयोग कर ऐसे बुद्धिमान उद्यम विकसित करने का है जो टिकाऊ प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करें। उन्होंने कहा, ‘‘ वे विनिर्माता सफल होंगे जो प्रौद्योगिकी में निवेश को कारोबारी रणनीति, कार्यबल में बदलाव और विभिन्न हितधारकों के साथ सहयोग के अनुरूप ढालेंगे।

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