HSBC में AI का कहर: Banking Sector में 20,000 Jobs पर लटकी तलवार, बड़ी छंटनी की तैयारी।

By Ankit Jaiswal | Mar 19, 2026

बैंकिंग सेक्टर में तेजी से बदलती तकनीक का असर अब साफ दिखने लगा है, जहां दुनिया के बड़े वित्तीय संस्थानों में नौकरियों को लेकर नई चिंता उभर रही है। इसी कड़ी में एचएसबीसी होल्डिंग्स बड़े स्तर पर कर्मचारियों की संख्या घटाने पर विचार कर रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार बैंक आने वाले कुछ वर्षों में कृत्रिम तकनीक के बढ़ते उपयोग के जरिए अपने कामकाज को अधिक कुशल बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसी रणनीति के तहत मध्य और बैक ऑफिस से जुड़े कई पदों को कम किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में करीब 20 हजार नौकरियों पर असर पड़ सकता है, जो कुल कार्यबल का लगभग दस प्रतिशत हिस्सा है।

बता दें कि इस योजना पर विचार हाल के भू-राजनीतिक तनाव से पहले ही शुरू हो चुका था, हालांकि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। गौरतलब है कि बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉर्ज एलहेदेरी ने 2024 में पद संभालने के बाद से संस्थान में कई बड़े बदलाव किए हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने पहले ही हजारों नौकरियों में कटौती की है, साथ ही कुछ कारोबार बेचे गए हैं और कई इकाइयों का विलय या बंद किया गया है। साल 2025 के अंत तक बैंक में लगभग 2.10 लाख कर्मचारी कार्यरत थे।

गौरतलब है कि इस संभावित कटौती में केवल सीधे तौर पर छंटनी ही नहीं, बल्कि खाली पदों को न भरना और कुछ कारोबार से बाहर निकलना भी शामिल हो सकता है। यह कदम बैंक की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जो तीन से पांच साल की अवधि में लागू हो सकता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार वैश्विक स्तर पर भी बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में इसी तरह का रुझान देखने को मिल रहा है। कई रिपोर्टों में अनुमान जताया गया है कि कृत्रिम तकनीक के बढ़ते उपयोग से आने वाले वर्षों में लाखों नौकरियों पर असर पड़ सकता है।

गौरतलब है कि बैंक अपने कार्य संस्कृति में भी बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है। इसमें प्रदर्शन आधारित वेतन प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है, जहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को अधिक प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वालों पर दबाव बढ़ेगा।

इसके साथ ही बैंक एशिया क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने पर भी जोर दे रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार इस दिशा में हांगकांग स्थित अपनी सहायक इकाई को निजी बनाने जैसे कदम उठाए गए हैं, जिससे क्षेत्रीय बाजार में विस्तार की योजना को बल मिल सके।

बता दें कि बैंक ने हाल ही में लागत में कमी लाने के लक्ष्य को तय समय से पहले हासिल करने का संकेत दिया है। इसके अलावा ग्राहक सेवा, लेनदेन निगरानी और अन्य संचालन क्षेत्रों में कृत्रिम तकनीक के उपयोग को बढ़ाने की तैयारी चल रही है।

कुल मिलाकर यह बदलाव इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में बैंकिंग क्षेत्र में तकनीक की भूमिका और बढ़ेगी, जिससे काम करने के तरीके और रोजगार संरचना दोनों में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

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