AIIMS मेडिकल बोर्ड ने Twisha Sharma की मौत को आत्महत्या बताया, CBI ने दाखिल किया आरोपपत्र

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 18, 2026

अदालत के आदेश पर दोबारा पोस्टमार्टम करने वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मेडिकल बोर्ड के अनुसार, त्विषा शर्मा की मौत फंदे से लटककर आत्महत्या करने के कारण हुई थी। मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक राय एक सीलबंद लिफाफे में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी, जिसके बाद सीबीआई ने सोमवार को भोपाल की एक विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। सीबीआई ने पूर्व अभिनेत्री-मॉडल त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।

पूर्व मिस पुणे को यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर करने वाले ‘‘लगातार मानसिक उत्पीड़न’’ का भयावह ब्योरा देते हुए, एजेंसी ने अपने आरोपपत्र में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की उन धाराओं का हवाला दिया जो पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ क्रूरता करने, आत्महत्या के लिए उकसाने और साझा इरादे से संबंधित हैं। त्विषा की शादी पिछले साल दिसंबर में समर्थ से हुई थी। वह इस वर्ष 12 मई को अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थी।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि समर्थ उसे एम्स भोपाल ले गया था, जहां उसने दावा किया कि त्विषा ने रात 10:20 बजे घर पर फांसी लगा ली थी। प्राथमिकी के मुताबिक, एम्स के चिकित्सकों ने पुलिस को बताया कि उसे अस्पताल मृत अवस्था में लाया गया था, जिसके बाद एक ‘मेडिको-लीगल केस’ (एमएलसी) दर्ज किया गया। शुरुआती पुलिस जांच और एम्स भोपाल द्वारा किए गए पहले पोस्टमॉर्टम में रही कमियों के बारे में परिवार के आरोपों और अहम संदेहों को दूर करने के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर हुए दूसरे पोस्टमॉर्टम के बाद, सीबीआई ने जांच की जिम्मेदारी संभाली तथा समर्थ और गिरिबाला को गिरफ्तार कर लिया।

दूसरा पोस्टमॉर्टम 24 मई को भोपाल में एम्स दिल्ली की चार सदस्यीय टीम ने किया था। पोस्टमॉर्टम और बाद में एम्स दिल्ली के मेडिकल विशेषज्ञों के बोर्ड ने इस राय पर सहमति जताई है कि यह आत्महत्या का मामला है। आरोपपत्र के अनुसार, ‘‘मौत का कारण दम घुटना है, जो फंदे से लटकने की वजह से हुआ।

यह फांसी खुदकुशी के इरादे से लगाई गई थी और इसके लिए रिंग वाली जिम्नास्टिक बेल्ट का इस्तेमाल किया गया था। मृतका के शरीर पर चोट का ऐसा कोई निशान नहीं मिला, जो मौत से पहले मारपीट या हाथापाई का संकेत देती हो।’’ मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर गठित पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने 10 जुलाई को सीबीआई को अपनी 11 पन्नों की मेडिकल राय सौंपी थी। इस राय में साफ तौर पर कहा गया कि त्विषा ने आत्महत्या की थी और उसके शरीर पर चोट का ऐसा कोई निशान नहीं मिला, जो कानूनी नजरिए से अहम हो या जिससे हाथापाई या संघर्ष का संकेत मिलता हो।

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