By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 07, 2026
नयी दिल्ली, सात अगस्त भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन से संबद्ध ‘अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन’(एआईपीडब्ल्यूए) के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को यहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और संसद व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग की। उन्होंने आरक्षण को प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया या जनगणना से नहीं जोड़े जाने की भी मांग की। ‘राष्ट्रीय महिला आरक्षण गठबंधन’ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में एआईपीडब्ल्यूए के अलावा कई अन्य महिला संगठनों ने भी हिस्सा लिया।
एआईपीडब्ल्यूए की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने सभा को संबोधित करते हुए राजधानी में हाल में प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर अपनी ‘‘सांप्रदायिक राजनीति’’ को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। तिवारी ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर अपनी सांप्रदायिक राजनीति को आगे बढ़ाना चाहती है।
देशभर की महिलाएं इसके खिलाफ एकजुट हैं और सरकार को झुकना पड़ेगा। महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण मौजूदा मानसून सत्र में बिना किसी शर्त के लागू किया जाना चाहिए।