By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 07, 2026
नयी दिल्ली, सात अगस्त एक संसदीय समिति ने सरकार से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश में जंगलों की आग से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को तैनात करने के संबंध में लंबित प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी देने की सिफारिश की है। राज्यसभा में शुक्रवार को पेश की गई एक रिपोर्ट में, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन संबंधी स्थायी संसदीय समिति ने गौर किया कि यह प्रस्ताव जनवरी 2025 से गृह मंत्रालय के पास लंबित है। वर्तमान में, एनडीआरएफ के पास असम, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड के लिए औपचारिक रूप से स्वीकृत और समर्पित तीन वन अग्नि प्रतिक्रिया टीमें हैं, जिनमें कुल 150 कर्मी हैं।
समिति के अनुसार, इसके परिणामस्वरूप यह प्रस्ताव आया कि एनडीआरएफ को सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में तैयारियों को मजबूत करने के लिए तीन और टीमों को तैनात करना चाहिए। समिति की रिपोर्ट में देखा गया कि 2019-20 से 2023-24 के बीच भारतीय हिमालयी क्षेत्र में जंगल की आग की घटनाओं की वार्षिक प्रवृत्ति में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। आग की कुल घटनाएं 2019-20 में 3,566 थीं जो 2020-21 में बढ़कर 30,672 हो गईं।
अगले वर्षों में इनकी संख्या कम होने लगीं और 2021-22 में 25,995 तथा 2022-23 में 8,682 घटनाएं हुईं। लेकिन 2023-24 में इनकी संख्या फिर बढ़ गई और मूल्यांकन अवधि के दौरान 37,152 आग की घटनाओं के साथ उच्चतम मूल्य पर पहुंच गईं। समिति ने यह भी सिफारिश की कि सरकार को भारतीय हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन और जंगल की आग की आवृत्ति, तीव्रता तथा मौसमी स्थिति के बीच जुड़ाव स्थापित करने के लिए शोध अध्ययन शुरू करना चाहिए।