By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 25, 2026
(मानस प्रतिम भुइयां) नयी दिल्ली, 25 अक्टूबर तीनों सेनाओं के एकीकरण (थिएटराइजेशन) की योजना पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रविवार को कहा कि भारतीय वायुसेना इसे लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य संसाधनों को स्थायी रूप से भौगोलिक क्षेत्रों में बांटने की कवायद के रूप में नहीं देखती। सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि इस व्यवस्था को दूसरे देशों के मॉडल की नकल करने के बजाय भारत की विशिष्ट सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए। एयर चीफ मार्शल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि ‘थिएटराइजेशन’ का मार्गदर्शक सिद्धांत जरूरत पड़ने पर ‘‘केंद्रीकृत नियंत्रण’’ और जहां उपयुक्त हो, वहां ‘‘विकेंद्रीकृत क्रियान्वयन’’ होना चाहिए।
इसमें महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों का केंद्रीकृत आवंटन और जरूरत के अनुसार उनका तेजी से दोबारा आवंटन निर्णायक साबित हुआ। वर्ष 2019 में घोषित ‘थिएटराइजेशन’ योजना को आजादी के बाद भारत का सबसे महत्वाकांक्षी सैन्य सुधार बताया गया है। इस योजना का उद्देश्य बेहतर अभियानगत तालमेल के लिए तीनों सेनाओं को एकीकृत करना है।
प्रस्तावित व्यवस्था में तीन एकीकृत कमान बनाने की परिकल्पना की गई है। इनमें चीन से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए लखनऊ में उत्तरी थिएटर कमान, पाकिस्तान से जुड़ी चुनौतियों के लिए जयपुर में पश्चिमी थिएटर कमान और तिरुवनंतपुरम में समुद्री थिएटर कमान शामिल हैं। हालांकि, प्रस्तावित कमान संरचनाओं को लेकर तीनों सेनाओं के बीच अलग-अलग विचार होने के कारण इस योजना पर प्रगति रुक गई है।
वायुसेना जल्दबाजी में इसे लागू करने के प्रति आगाह करती रही है और प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अपने लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रनों को अलग-अलग कमान में बांटने पर उसने गंभीर आपत्तियां जताई हैं।