By अंकित सिंह | Aug 13, 2026
एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ़्लाइट के 'सेंट्रलाइज़्ड फ़ॉल्ट डिस्प्ले सिस्टम' के पोस्ट-फ़्लाइट लॉग से कई चेतावनियों का पता चला है। यह फ़्लाइट अचानक ऊंचाई से 300 फ़ीट नीचे गिर गई थी, जिससे 24 लोग घायल हो गए थे। ये चेतावनियां विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम, फ़्लाइट कंट्रोल और ऑटोपायलट से जुड़ी थीं। इंडिया टुडे के मुताबिक जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ़्लाइट में टर्बुलेंस (हवा के झटकों) की घटना की जांच का दायरा बढ़ गया है। फ़्लाइट के बाद की मेंटेनेंस रिपोर्ट में दो-तीन मिनट के अंदर 11 सिस्टम अलर्ट दर्ज किए गए, जिनमें तीन हाइड्रोलिक लो-प्रेशर वॉर्निंग और उसके बाद ऑटोपायलट का डिस्कनेक्ट होना शामिल है।
रिपोर्ट में उसी दौरान विमान के इमरजेंसी एग्जिट दरवाजों और दूसरे सिस्टम से जुड़ी चेतावनियों का भी ज़िक्र किया गया है। दिल्ली में विमान के उतरने से पहले, मेंटेनेंस रिकॉर्ड में 5:22 GMT पर 'ऑटोपायलट-ऑफ' की दूसरी एंट्री दिखाई देती है। सूत्रों के अनुसार, इस एंट्री से पता चलता है कि उड़ान के दौरान ऑटोपायलट के शुरुआती तौर पर बंद होने के बाद उसे किसी समय फिर से चालू या री-एंगेज किया गया था और बाद में लैंडिंग से पहले उसे फिर से बंद कर दिया गया था।
कई अलर्ट मिलने के बावजूद, शुरुआती हाइड्रोलिक वॉर्निंग के बाद भी विमान लगभग 1 घंटे 20 मिनट तक हवा में रहा और फिर सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतरा। सूत्रों ने बताया कि उड़ान के बाद की मेंटेनेंस रिपोर्ट डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) और एयरक्राफ़्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को सौंप दी गई है, जो इस घटना की जांच कर रहे हैं।
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