By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 09, 2026
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को वापस लेने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से एक दिन पहले, शुक्रवार को ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने लोगों से अपील की कि अगर नेताओं को गिरफ्तार भी कर लिया जाए, तो भी आंदोलन जारी रखें। लोगों को भेजे एक संदेश में नेहा ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर लोगों को घरों में नजरबंद किया जा रहा है और पुलिस प्रदर्शन के आयोजकों की तलाश कर रही है। नेहा ने कहा, ‘‘दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रोका जा रहा है; प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं; अर्द्धसैनिक बल, सेना और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आपको जहां भी रोका जाए, चाहे वह मेट्रो स्टेशन हो या रेलवे स्टेशन, वहीं अपनी मांगों - ‘एसआईआर वापस लो, ज्ञानेश कुमार को जाना होगा - के साथ बैठ जाएं।’’ सरकार को जवाबदेह ठहराते हुए, आइसा नेता ने इस लामबंदी को जनता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच टकराव के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा, ‘‘अब पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं है। यह जनता बनाम भाजपा की लड़ाई है।’’ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन शनिवार को होना प्रस्तावित है, जिसकी मुख्य मांगें एसआईआर प्रक्रिया को वापस लेना और मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा हैं।
इस विरोध प्रदर्शन में कई वामपंथी छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसान संगठनों के भी शामिल होने की उम्मीद है।