By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 03, 2026
(अमनप्रीत सिंह) नयी दिल्ली, तीन अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व डेविस कप खिलाड़ी सोमदेव देववर्मन और पूर्व युगल खिलाड़ी पुरव राजा की पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के चुनावों के लिए निर्धारित मानदंडों में बदलाव करने से इनकार कर दिया है और सभी संबद्ध राज्य निकायों को संघ के चुनावों में मतदान करने की अनुमति दे दी है, भले ही उन्होंने अभी तक राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम और एआईटीए के संशोधित संविधान का अनुपालन नहीं किया हो। न्यायमूर्ति तेजस कारिया और मधु जैन की खंडपीठ ने पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अपीलकर्ता आपसी सहमति से निपटाए गए मुद्दों को ‘फिर से उठाने’ की कोशिश कर रहे हैं और रिकॉर्ड में ऐसी कोई स्पष्ट गलती नहीं पाई गई थी जिसके लिए पुनर्विचार करना जरूरी हो। यह समीक्षा याचिका अदालत के 18 जून के अंतरिम आदेश से संबंधित है, जो देववर्मन, राजा और एआईटीए की एकल न्यायाधीश के 27 अप्रैल, 2024 के फैसले के खिलाफ दायर अपीलों पर आधारित है।
इसमें विशेष रूप से यह स्पष्ट किया गया था कि सभी संबद्ध राज्य संघों को ईजीएम और एआईटीए चुनावों में मतदान करने की अनुमति होगी, भले ही उन्होंने मतदान के समय खेल अधिनियम और खेल प्रशासन नियमों का अनुपालन किया हो या नहीं। इसके बाद नई चुनी गई कार्यकारी समिति को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई कि सभी संबद्ध राज्य संघ 31 दिसंबर, 2026 तक नियमों का पालन करें। राज्यों ने ईजीएम में भाग लिया था जहां एआईटीए ने अपने संविधान को राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के अनुरूप तैयार किया था।
देववर्मन और राजा ने अपनी समीक्षा याचिका में अदालत से संबद्ध राज्य संघों को पहले अपने संविधान में संशोधन करने, खेल अधिनियम, खेल प्रशासन नियमों और लागू अंतरराष्ट्रीय चार्टर का अनुपालन करने और एआईटीए चुनाव होने से पहले अपने स्वयं के चुनाव कराने का निर्देश देने का आग्रह किया था।