By अनन्या मिश्रा | May 25, 2026
अक्सर छुट्टीयों पर जाने वाले लोग शांत और सुकून भरे माहौल में जाना चाहते हैं। शहरों में सड़कों पर लगने वाले घंटों तक जाम और हॉर्न की आवाजों का शोर छुट्टियों का मजा किरकिरा कर देता है। खासतौर पर मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे शहरों में ट्रैफिक का बुरा हाल रहता है। ऐसे में अगर आप किसी शांत जगह पर घूमने जाना चाहते हैं, तो आइजोल एक बेस्ट डेस्टिनेशन है। आइजोल की राजधानी मिजोरम है।
यह भारत का एकमा साइलेंट शहर है। इसका मतलब यह नहीं कि यहां पर कोई बोलता नहीं है, बल्कि आइजोल को अपने ट्रैफिक एटिकेट्स की वजह से जाना जाता है। यहां की ट्रैफिक व्यवस्था हर व्यक्ति को प्रभावित करती है। यहां पर लोग घंटों तक जाम और भीड़ भाड़ में फंसे होने के बाद भी शिष्टाचार का पालन करते हैं।
आइजोल एक बेहद खूबसूरत और प्रदूषण मुक्त शहर है। यहां किसी भी जगह खड़े होकर आप घंटों अपने आसपास की सुंदरता को निहार सकते हैं। यह शहर ऊंची-ऊंची पहाड़ियों और घाटियों से घिरा है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 1132 मीटर है। इस शहर की खूबसूरत वादियों की वजह से इसको 'लैंड ऑफ हाइलैंडर्स' कहा जाता है।
बता दें कि यहां पर लोग सड़कों पर अपने व्हीकल के साथ एक ही लेन में चलते हैं।
लोग यहां पर एक-दूसरे को ओवरटेक नहीं करते हैं।
यहां पर कोई हॉर्न नहीं बजाता है।
यहां पर पीक ऑवर्स के समय भी लोग एक-दूसरे के साथ बेहद विनम्र रहते हैं।
आमतौर पर शहरों में व्हीकल लेफ्ट साइड चलते हैं। यहां भी ऐसा ही है और एक चीज जो यहां पर है वह यहां की ट्रैफिक व्यवस्था है, जो इसको अन्य शहरों से अलग बनाती है। यहां पर बाई लेन में टू व्हीलर और फोर व्हीलर के लिए अलग-अलग लाइने हैं। राइट और लेफ्ट लेन को अलग करने के लिए कोई डिवाइडर नहीं है। सिर्फ एक सफेद रंग की पट्टी के साथ इनको अलग किया गया है।
अगर कोई जल्दी में है और सामने वाले व्हीकर को पार करना है। तो उसको सामने वाले व्हीकल को यह बताने के लिए हल्का सा बीप देना होगा। अगर संभव है तो व्हीकल पीछे वाले को आगे जाने की इजाजत देता है।
यहां की ट्रैफिक व्यवस्था इतनी अच्छी है कि यहां पर ट्रैफिक लाइट की जरूरत नहीं महसूस होती है। इस शहर में जाने के बाद आपको शायद ही सड़कों पर ट्रैफिक लाइट देखने को मिले। यहां पर बिना ट्रैफिक लाइट के भी लोग सड़कों पर सभ्य तरीके से चलते हैं।
आइजोल के लोगों का मानना है कि यहां पर तेजी से दूसरे व्हीकल को ओवरटेक करना और हॉर्न बजाना आदि शर्मनाक हरकत मानी जाती है। वहीं जो लोग ट्रैफिक रूल्स को फॉलो नहीं करते हैं, तो वह असभ्य माने जाते हैं।
आइजोल में घूमने के लिहाज से कई जगहें हैं। यहां आकर आप मिजोरम स्टेट म्यूजियम, सोलोमन मंदिर, रिक और बारह बाजार को एक्सप्लोर कर सकते हैं। रिक एक छोटा लेकिन बहुत सुंदर गांव है, जो आइजोल से कुल 10 किमी की दूरी पर मौजूद है। इस गांव की खूबसूरती दुनियाभर के पर्यटकों का मन मोह लेती है। यही कारण है कि हर साल हजारों पर्यटक इस गांव को एक्सप्लोर करने आते हैं।
आइजोल जाने के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। इसके लिए आपको नजदीकी सिलचर स्टेशन पर जाना होगा। इसके बाद टैक्सी या कैब से आइजोल जा सकते हैं।
आइजोल का अपना एयरपोर्ट है, जिसका नाम लेंगपुई एयरपोर्ट है। यहां पर आप बड़े शहरों से यहां के लिए डायरेक्ट फ्लाइट ले सकते हैं।