Ajit Pawar ने पकड़ी एकला चलो की राह, उद्धव ने 'मुंबई मॉडल' बुकलेट किया जारी, BMC चुनाव को लेकर किसकी कैसी है तैयारी?

By अभिनय आकाश | Dec 29, 2025

बीएमसी चुनाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। सत्ता और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने मोर्चे पर रणनीतिक बढ़त बनाने में जुटे हैं। इसी कड़ी में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर साफ संकेत दे दिया है कि एनसीपी (अजित पवार गुट) चुनावी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरने जा रही है। उम्मीदवारों के चयन में संगठनात्मक संतुलन, स्थानीय समीकरण और जीत की संभावना को प्राथमिकता दी गई है। वहीं दूसरी ओर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने ‘मुंबई मॉडल’ बुकलेट जारी कर अपने शासनकाल की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा है। इस बुकलेट के जरिए उद्धव गुट यह संदेश देना चाहता है कि मुंबई के विकास और प्रशासन में उसका मॉडल सबसे बेहतर रहा है। बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और पारदर्शी प्रशासन को चुनावी मुद्दा बनाकर शिवसेना मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रही है। ऐसे में बीएमसी चुनाव केवल स्थानीय निकाय का नहीं, बल्कि मुंबई की सियासी दिशा तय करने वाला बड़ा मुकाबला बनता जा रहा है।

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नवाब मलिक परिवार से 3 सदस्यों को मिला टिकट

एनसीपी ने बीएमसी चुनाव में नवाब मलिक के परिवार से 3 लोगों को चुनावी रणभूमि में उतारा है। नवाब मलिक के भाई पूर्व नगरसेवक कप्तान मलिक प्रभाग नंबर 165 से, नवाब मलिक की बहन पूर्व नगरसेवक डॉ. सईदा खान प्रभाग नंबर 168 से और कप्तान मलिक की बहू बुशरा नदीम मलिक प्रभाग नंबर 170 से चुनाव लड़ने जा रही हैं। बुशरा मलिक पहली बार चुनाव मैदान में उतर रही हैं।

'मुंबई मॉडल' बुकलेट

बीएमसी चुनाव में उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने से पहले 'मुंबई मॉडल' का शिवसेना भवन में विमोचन किया गया। इस बुकलेट में शिवसेना (UBT) पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की ओर से कोविड काल में किए गए कार्यों के बारे में डिटेल में जानकारी दी गई है। इस दौरान सांसद अनिल देसाई ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से अपील की है कि वे चुनाव के दौरान कोरोना काल में उद्धव ठाकरे द्वारा किए गए कामों की जानकारी जनता तक पहुंचाएं। उद्धव ने कहा कि हमें इस मुंबई को बीजेपी से बचाना है, जिसके लिए कुछ लोगों को कुर्बानी देनी होगी। जब पार्टियों के साथ गठबंधन होता है, तो सब कुछ प्लान के मुताबिक नहीं होता। कुछ देना पड़ता है, कुछ लेना पड़ता है।

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