By रेनू तिवारी | Oct 06, 2026
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के दौरान मतदान के दिन ही बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक और विधायक हुमायूं कबीर को मंगलवार को अपना वोट डालने के तुरंत बाद पुलिस ने गिरफ्तार (हिरासत में) कर लिया। पुलिस ने उन पर मतदान प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इसके उलट, वोट डालने के बाद कबीर ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी वोटिंग प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार पहले से ही सत्ता में है, तो ऐसी दखलअंदाजी की क्या ज़रूरत है।
AJUP प्रमुख ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव का भी ज़िक्र किया और दावा किया कि तब वोटिंग शांतिपूर्ण रही थी और उस समय गड़बड़ी का कोई आरोप नहीं लगा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों में पुलिस की कार्रवाई तेज़ हो गई है और पुलिसकर्मी हमले कर रहे हैं तथा "अत्याचार" कर रहे हैं।
कबीर ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने इस स्थिति के सिलसिले में 64 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे "पीछे हटने" की अपील की।
उनकी इन बातों के बाद पुलिस ने कबीर को गिरफ्तार कर लिया और रेजीनगर पुलिस स्टेशन ले गई। उनकी गिरफ्तारी से जुड़े हालात के बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
रेजीनगर सीट पर उपचुनाव में कई पार्टियों के बीच मुकाबला हो रहा है। यह सीट तब खाली हुई थी जब तृणमूल कांग्रेस से पहले सस्पेंड और बाद में निकाले गए कबीर ने विधायक पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने AJUP बनाई।
बाद में कबीर ने नौदा सीट जीती और वहीं से प्रतिनिधित्व करने का फ़ैसला किया, जिसके चलते उनकी पार्टी ने रेजीनगर से उनके बेटे गुलाम नबी आज़ाद को मैदान में उतारा।
यह उपचुनाव कई अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहे चुनावों के साथ ही हो रहा है। उम्मीदवारों और पार्टियों द्वारा वोटिंग के तरीके पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच इसके नतीजों पर सबकी नज़र रहेगी।
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