कानून व्यवस्था पर अखिलेश को बोलने का हक नहीं: भाजपा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 10, 2019

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए गुरूवार को कहा कि जिन लोगों के राज में थाने के भीतर पुलिसकर्मियों की हत्या हो जाती थी, उन्हें कानून व्यवस्था पर बोलने का हक नहीं है। भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रवक्ता समीर सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि उन लोगों को राज्य की कानून व्यवस्था पर बोलने का हक नहीं जिनके राज में थानों के भीतर पुलिसकर्मियों की हत्याएं हो जाती थीं। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों की शरणस्थली रही समाजवादी पार्टी को योगी सरकार में अपराधियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई रास नहीं आ रही है।

सिंह ने कहा कि योगी सरकार में प्रदेश में बिना भेदभाव के कानून अपना काम कर रहा है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में जब भी कहीं किसी अपराधी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करती है तो सपा प्रमुख उसके बचाव में उतर आते हैं। सपा सरकार में मथुरा के जवाहरबाग की घटना हुई, जिसमें डिप्टी एसपी की हत्या कर दी गयी। अन्य कई घटनाओं में सपा के लोगों द्वारा पुलिसकर्मियों की हत्याएं यह प्रमाणित करती थीं कि अखिलेश का संरक्षण अपराधियों को सरकार में रहते भी था और सरकार के बाहर भी है। सिंह ने कहा कि दंगों और दंगाइयों की पहचान बन काम करने वाली सपा सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश ने हमेशा अपराधियों का महिमामडंन कर प्रदेश को अपराधियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाहबना दिया था।

उन्होंने बताया कि राज्य में योगी सरकार बनने के बाद से लगातार संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई से प्रदेश में अपराधियों के हौसले टूटे हैं। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह दुरूस्त है। पुलिस लगातार शातिर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाला कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जायेगा। उल्लेखनीय है कि सपा मुखिया ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गुरुवार को तंज किया कि यहां भाजपा के शासन में रामराज नहीं बल्कि  नाथूराम राज  दिखाई दे रहा है।

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अखिलेश ने झांसी में पिछले दिनों कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे गये पुष्पेन्द्र यादव नामक व्यक्ति की मौत की उच्च न्यायालय के किसी सेवारत न्यायाधीश से जांच की मांग दोहराते हुए एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उत्तर प्रदेश में मॉब लिंचिंग के साथ-साथ अब तो  पुलिस लिंचिंग  भी होने लगी है।

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