Akhilesh Yadav दलित वोट बैंक के चक्कर में आरक्षण पर खड़ा कर रहे हैं संशय

By संजय सक्सेना | Aug 12, 2024

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार एसटी-एससी आरक्षण में कोटे में कोटा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ खड़ी है। वहीं एससी/एसटी एक्ट के आरक्षण दायरे से इस समाज के क्रिमी लेयर को बाहर करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मोदी सरकार ने संविधान विरोधी करार देते हुए इसे मानने से इंकार कर दिया है। इसके बावजूद विरोधी दलों के नेता मोदी सरकार पर हमला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आरक्षण के भीतर आरक्षण के मुद्दे पर अपनी पार्टी को बीजेपी से बड़ा दिखाने के लिये हर वह कदम उठा रहे हैं जिससे उन्हें राजनैतिक फायदा हो सकता है। इसी क्रम में अखिलेश यादव  ने एक बयान में कहा कि किसी भी प्रकार के आरक्षण का मूल उद्देश्य उपेक्षित समाज का सशक्तिकरण होना चाहिए, न कि उस समाज का विभाजन या विघटन। इससे आरक्षण के मूल सिद्धांत की ही अवहेलना होती है। उन्होंने कहा कि पीडीए के लिए संविधान संजीवनी है, तो आरक्षण प्राणवायु। अखिलेश का यह बयान आरक्षण के उप वर्गीकरण के मामले में सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले को देखते हुए अहम माना जा रहा है। इससे पूर्व बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी प्रेस कांफ्रेंस करके आरक्षण के भीतर आरक्षण (उप वर्गीकरण) का विरोध करते हुए इस मामले में सपा और कांग्रेस की नीयत भी साफ न होने की बात कही थी।

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