By अंकित सिंह | Oct 01, 2026
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि भारत और उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय बीजेपी-शैली की इमरजेंसी से गुज़र रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाशिए पर मौजूद वर्गों के ख़िलाफ़ अत्याचार हो रहे हैं और आवाज़ उठाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा रही है। अखिलेश यादव ने युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे एक 'कचौड़ी, दो समोसा...' राइम का इस्तेमाल सत्ताधारी दल पर तंज कसने के लिए किया।
यादव ने कहा कि विकास का पैसा भाजपाइयों की जेब में जा रहा है। भ्रष्टाचार चरम पर है। नदियां नहीं साफ हुई, बजट का पैसा साफ हो गया। हालत यह है कि मुख्यमंत्री जी गोरखपुर की सड़क को ही ठीक नहीं बना पाए। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे में 45 किलोमीटर में 74 गड्ढे हो गए हैं। 91 किलोमीटर का एक्सप्रेस-वे सात हजार करोड़ में बनी है, इसमें बजट की लूट हो गयी। जमकर गोरखधंधा हुआ। सपा सरकार में बना आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे आज भी बिना मेंटेनेंस के उसी तरह से चल रहा है। कहीं कोई गड्ढा नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। इस सरकार में एक भी यूनिट नई बिजली नहीं बनी। जब बिजली नहीं बनायी है तो मुख्यमंत्री और उनके मंत्री जहां जाएंगे, उन्हें जनता के सवालों को सुनना ही पड़ेगा। एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को बड़े-बड़े कार्यालय बनाने की क्या जरूरत थी, भाजपा को चुनाव आयोग में ही एक फ्लोर ले लेना चाहिए। भाजपा ने संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद कर दिया है, लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया। मीरापुर में महिलाओं पर पुलिस द्वारा रिवाल्वर तानने वाली तस्वीर कोई नहीं भूल सकता है। उत्तर प्रदेश में हुए सभी उपचुनाव रामपुर, मीरापुर, कुन्दरकी, बीकापुर, कटेहरी में भाजपा ने चुनाव आयोग से मिलकर बेईमानी और धांधली की। भाजपा ने टारगेट करके वोट काटा। उन्होंने कहा कि भाजपा हटेगी, तभी लोकतंत्र बचेगा। समाजवादी पार्टी पहले दिन से चुनाव आयोग की नियुक्ति के तरीके के खिलाफ हैं।