By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 02, 2026
लखनऊ, दो नवंबर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना भगवान श्रीकृष्ण पर उनकी कथित टिप्पणी की सोमवार को कड़ी आलोचना की और इस मामले का उच्चतम स्तर पर संज्ञान लेकर दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की। मीडिया में आई खबरों के अनुसार, मध्य प्रदेश में शिवपुरी जिले के करैरा में श्रीराम कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए कथित तौर पर विवादित टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस टिप्पणी पर संत समाज के एक वर्ग की आपत्ति के बाद शास्त्री ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका राम और कृष्ण के बीच भेद पैदा करने का कोई इरादा नहीं था।
अगर इसे नहीं रोका गया तो इससे समाज में अशांति और असंतोष का वैमनस्यकारी वातावरण बनेगा। ये अक्षम्य पाप है, ऐसे व्यक्ति को समाज, सनातन, देश हित में निरुद्ध-अवरुद्ध करना ही एकमात्र उपाय है।’’ उन्होंने सनातन धर्म के खिलाफ कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि ‘‘ये सब अनायास ही नहीं हो रहा, इसके पीछे कोई तो है जो इस छल-कुचक्र को रच रहा है। अब वे सब कहां हैं जो अपने को सनातन का ठेकेदार मानते हैं, क्या वो अपने परंपरागत भूमिगत निवास में जाकर छिप गए हैं।’’ सपा प्रमुख ने कहा कि हर सच्चा सनातनी दोनों अवतारों का उपासक होता है और इस अनुचित तुलना से सनातन समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के लोग भी आहत हुए हैं।
यादव ने इसी पोस्ट में कहा, ‘‘हर धर्म-मजहब-संप्रदाय या उसके आराध्यों-महापुरुषों के प्रति किसी भी प्रकार का विष-वमन कदापि स्वीकार्य नहीं है। सर्वोच्च स्तर पर संज्ञान लेकर दंडात्मक कार्रवाई हो।’’