By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 26, 2026
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में तो नारी केवल नारा बनकर रह गई है और उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिलाओं को भाजपा से अधिक टिकट देगी। यादव ने उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने पर स्त्री सम्मान समृद्धि योजना शुरू करने की घोषणा करने के लिए यहां सपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी सरकार में तो नारी केवल नारा बनकर रह गई है।’’ उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून पहले ही पारित हो चुका है और सवाल किया कि भाजपा सरकार इसे लागू करने में देरी क्यों कर रही है। यादव ने कहा, महिला आरक्षण पारित हो चुका है।
यादव ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी 2027 के चुनाव में महिलाओं को भाजपा की तुलना में अधिक विधानसभा टिकट देगी। उन्होंने कहा, हम भाजपा से ज्यादा महिलाओं को टिकट देंगे। यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ सबसे अधिक अन्याय हो रहा है।
उन्होंने कहा, अगर कोई ऐसी जगह है जहां बेटियों के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हो रहा है, तो वह उत्तर प्रदेश है। अगर आप सभी तरह की घटनाओं को देखें, तो उनमें से ज्यादातर ऊंची जाति की आबादी के साथ हो रही हैं। पार्टी द्वारा घोषित स्त्री सम्मान समृद्धि योजना का उल्लेख करते हुए यादव ने कहा कि सपा इस योजना को लोगों तक ले जाएगी और 2027 के चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में अपनी प्रतिबद्धताओं को शामिल करेगी।
उन्होंने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए आधी आबादी की प्रगति जरूरी है। यादव ने कहा कि पिछली सपा सरकारों द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सुरक्षा में लिए गए फैसले उदाहरण बनते रहे। यादव ने पिछली सपा सरकार के दौरान शुरू की गई महिला हेल्पलाइन 1090 और डायल 100 आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का हवाला देते हुए कहा कि ये पहल महिला सुरक्षा के प्रति उनकी पार्टी की प्रतिबद्धता दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में एक जापानी प्रतिनिधिमंडल को महिला सुरक्षा उपायों के उदाहरण के रूप में 1090 प्रणाली भी दिखाई गई थी। उन्होंने कहा, मैं महिलाओं को आश्वस्त कर सकता हूं कि समाजवादी पार्टी सरकार में उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रस्तावित योजना का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि प्रस्तावित योजना के तहत महिलाओं को हर साल 40,000 रुपये मिलेंगे, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत होने और आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, यह आधी आबादी की पूर्ण आजादी का संकल्प है। यादव ने महिलाओं के लिए समाजवादी सरकार की पेंशन योजना को भी याद किया, जिसके तहत 500 रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए थे, उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस राशि को उत्तरोत्तर बढ़ाने की योजना बनाई थी। उन्होंने सपा सरकार की लैपटॉप वितरण योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि इसने छात्रों को उस समय प्रौद्योगिकी प्रदान की थी जब प्रौद्योगिकी तक पहुंच तुलनात्मक रूप से सीमित थी।
यादव ने कहा, भविष्य में इंटरमीडिएट पास करने वाली हर लड़की को समाजवादी सरकार में एक लैपटॉप दिया जाएगा ताकि उसे आगे बढ़ने का मौका मिले। भाजपा सरकार के टैबलेट वितरण कार्यक्रम पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यदि उपकरण ठीक से काम नहीं करते हैं तो केवल उनका वितरण करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा महिलाओं और लड़कियों में असुरक्षा की भावना को दूर करने के लिए भी काम करेगी।
यादव ने कहा कि पिछली सपा सरकार के दौरान छात्रों को जो साइकिल बांटी गई थीं, उन्हें भविष्य में फिर से उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि अगर सपा सत्ता में लौटती है तो बंद किए गए 26,000 प्राथमिक विद्यालयों को फिर से खोला जाएगा, इससे लड़कियों को अपने घरों के करीब पढ़ने में मदद मिलेगी और शिक्षा के लिए कहीं और यात्रा करने से जुड़ी असुरक्षा कम होगी। उन्होंने कहा, सबसे बड़ा संकट या समस्या बेटियों में असुरक्षा की भावना है।
उन्हें पढ़ाई के लिए अपना गांव नहीं छोड़ना चाहिए। यादव ने आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति की भी आलोचना की और पिछले दशक में केंद्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकारों के प्रदर्शन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, अगर आप आंगनबाड़ियों के संबंध में सामने आ रहे आंकड़ों को देखेंगे तो आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे कि ‘डबल-इंजन’ सरकार ने उनके साथ क्या किया है।
उन्होंने पोषण मिशन का भी जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की पहल पहले भी की गई है। यादव ने नारी वंदन की बात करने वाले भाजपा नेताओं से राज्य में महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों और समस्याओं को भी याद रखने का आग्रह किया। सपा प्रमुख यादव ने कहा कि उनकी पार्टी के प्रस्तावित उपाय महिलाओं की गरिमा, आर्थिक सशक्तिकरण, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा पर केंद्रित होंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए उसके व्यापक एजेंडे का हिस्सा होंगे।