By अभिनय आकाश | Dec 11, 2021
हिमाचल प्रदेश में हाल ही में तीन विधानसभा (फतेहपुर, अर्की और जुब्बल कोटाखाई) और मंडी की लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही पार्टी का वोट शेयर भी कम हुआ। राज्य नें कांग्रेस के हाथों शिकस्त खाने के बाद हार को लेकर पार्टी में मंथन जारी है। इसके साथ ही सत्ता परिवर्तन की अटकलें लगाई जा रही है। करारी शिकस्त के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने हार का ठीकरा एक तरह से केंद्र सरकार पर ही फोड़ा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और पार्टी के भीतर की गुटबाजी के चलते प्रदेश में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे नतीजे की उम्मीद नहीं थी। भाजपा के हिमाचल प्रदेश के शीर्ष नेता और पूर्व सीएम पीके धूमल के बेटे और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने 3 नवंबर को कांगड़ा पहुंचे के केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जयराम ठाकुर के बयान से इतर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मंहगाई के मुद्दे पर हम हारे हैं, ऐसा कहना जल्दबाजी होगा, क्योंकि बाकी के राज्यों में तो भाजपा को अच्छा बहुमत मिला है, असम में पांचों सीटें भाजपा की झोली में आई हैं। कर्नाटक में 2 में से एक भाजपा ने जीती है। मध्य प्रदेश में भी कमोबेश यही तस्वीर है तो फिर ऐसा नहीं कहा जा सकता?
सीएम ठाकुर को सता रहा हार का डर
खुद हिमाचल प्रदेश के सीए जयराम ठाकुर ने भी कहा है कि दिग्गज नेता भी दो बार सरकार नहीं बना पाये हैं। उन्होंने कहा कि 1985 के बाद से ही सत्ता हर 5 साल में बदलती रही है। किसी भी पार्टी ने लगातार दो बार सत्ता में काबिज नहीं हो सकती है. वहीं, सीएम जयराम के इस बयान को कई लोग सत्ता में बदलाव से जोड़ कर देख रहे हैं। हालांकि उपचुनाव में मिली हार के बाद पार्टी में मंथन किया जा रहा है. साथ ही प्रदेश नेतृत्व कमियों को दूर करने की कोशिश में भी लगा है। हालांकि इस बीच सीएम जयराम ने सत्ता में फेरबदल की किसी भी संभावना से इनकार किया है।