मानसून में कार चलाने वालों के लिए अलर्ट! ये छोटी-छोटी गलतियां बन सकती हैं बड़े हादसे की वजह

By डॉ. अनिमेष शर्मा | Aug 14, 2026

मानसून अपने साथ ठंडी हवाएं और भीषण गर्मी से राहत लेकर आता है, लेकिन यही मौसम वाहन चालकों के लिए कई नई चुनौतियां भी खड़ी कर देता है। बारिश के दौरान फिसलन भरी सड़कें, जलभराव, कम दृश्यता और अचानक ब्रेकडाउन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में अगर आपकी कार पहले से तैयार नहीं है, तो छोटी-सी लापरवाही बड़ी परेशानी में बदल सकती है।

बारिश में सबसे पहले टायरों की जांच करें

बरसात के मौसम में सड़क पर कार की पकड़ पूरी तरह टायरों पर निर्भर करती है। यदि टायर का ट्रेड घिस चुका है, तो पानी बाहर निकालने की क्षमता कम हो जाती है और हाइड्रोप्लानिंग यानी वाहन के फिसलने का खतरा बढ़ जाता है।

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टायरों की ट्रेड डेप्थ की जांच करें और जरूरत पड़ने पर उन्हें बदल दें। साथ ही सभी टायरों और स्टेपनी का एयर प्रेशर कंपनी के निर्धारित स्तर के अनुसार रखें। सही प्रेशर से ब्रेकिंग और वाहन की स्थिरता बेहतर बनी रहती है।

साफ दृश्य के लिए वाइपर और विंडशील्ड रखें दुरुस्त

तेज बारिश में साफ दिखाई देना सुरक्षित ड्राइविंग की पहली शर्त है। यदि वाइपर कांच पर धब्बे छोड़ रहे हैं, आवाज कर रहे हैं या पानी ठीक से साफ नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें तुरंत बदल देना चाहिए।

इसके साथ ही विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड भी भरकर रखें, ताकि सड़क की मिट्टी, कीचड़ और धूल आसानी से हटाई जा सके।

सभी लाइटों का सही तरीके से काम करना जरूरी

मानसून में कम दृश्यता के कारण कार की लाइटें आपकी सुरक्षा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हेडलाइट, टेल लाइट, ब्रेक लाइट, इंडिकेटर, रिवर्स लाइट और फॉग लाइट की जांच जरूर करें।

यदि कोई बल्ब खराब हो या हेडलाइट का कवर धुंधला हो गया हो, तो उसे समय रहते बदलवा या साफ करवा लें।

ब्रेक और बैटरी की अनदेखी न करें

गीली सड़क पर ब्रेकिंग सिस्टम पूरी तरह सही होना चाहिए। यदि ब्रेक लगाते समय आवाज आए, कंपन महसूस हो या गाड़ी देर से रुके, तो तुरंत सर्विस सेंटर पर जांच करवाएं। पानी भरे रास्ते से निकलने के बाद हल्के ब्रेक लगाने से ब्रेक डिस्क पर मौजूद नमी हटाने में मदद मिलती है।

इसके अलावा बैटरी के टर्मिनलों पर जंग, ढीले कनेक्शन या कमजोर बैटरी मानसून में अचानक स्टार्टिंग की समस्या पैदा कर सकती है। पुरानी बैटरी की समय रहते जांच करवा लेना बेहतर विकल्प है।

जरूरी फ्लूइड्स और एयर कंडीशनर पर भी दें ध्यान

इंजन ऑयल, कूलेंट, ब्रेक फ्लूइड, पावर स्टीयरिंग फ्लूइड और विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड का स्तर सही होना चाहिए। इनकी कमी वाहन की कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों को प्रभावित कर सकती है।

एयर कंडीशनर केवल ठंडक ही नहीं देता, बल्कि बारिश के दौरान शीशों पर जमने वाली धुंध को भी जल्दी हटाता है। यदि एसी की कूलिंग कम हो गई है या डिफॉगर सही काम नहीं कर रहा, तो उसकी सर्विस जरूर कराएं।

रबर सील और इमरजेंसी किट रखें तैयार

दरवाजों और खिड़कियों की रबर बीडिंग खराब होने पर बारिश का पानी केबिन में प्रवेश कर सकता है, जिससे बदबू, नमी और इलेक्ट्रिकल खराबी की आशंका बढ़ जाती है। यदि रबर में दरार या गैप दिखाई दे, तो उसे बदलवा दें।

साथ ही कार में टॉर्च, जम्पर केबल, टायर इनफ्लेटर, पंचर रिपेयर किट, टो रोप, फर्स्ट-एड किट, रिफ्लेक्टिव वार्निंग ट्रायंगल, मोबाइल चार्जर, छाता और वाटरप्रूफ दस्ताने जैसे जरूरी सामान हमेशा रखें।

सुरक्षित ड्राइविंग ही सबसे बड़ा बचाव

मानसून में केवल अच्छी कार होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही ड्राइविंग आदतें भी उतनी ही जरूरी हैं। तेज बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखें, आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और अचानक ब्रेक या तेज मोड़ लेने से बचें।

यदि किसी सड़क पर जलभराव हो और उसकी गहराई का अनुमान न हो, तो वहां से वाहन निकालने का जोखिम न लें। गहरे पानी से इंजन, ट्रांसमिशन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। नियमित सर्विसिंग और समय पर छोटे-छोटे मेंटेनेंस कार्य करवाने से मानसून में ब्रेकडाउन और दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है।

- डॉ. अनिमेष शर्मा

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