By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 31, 2025
उत्तर प्रदेश पुलिस प्रमुख ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पांच लाख रुपये की सीमा को हटाने सहित साइबर अपराध से निपटने के लिए बुधवार को कई सुधारों की घोषणा की।
यहां कांस्टेबलों से लेकर निरीक्षकों तक कुल 94 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 50 कॉलर पाली में काम करेंगे। कृष्ण ने संवाददाताओं को बताया कि कॉल सेंटर पर प्राप्त शिकायतें भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, साइबर अपराध मुख्यालय और जिला पुलिस इकाइयों के मंचों पर वास्तविक समय में दिखाई देंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि केवल पांच लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी में ही प्राथमिकी दर्ज करने के नियम को रद्द कर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि 2023 में 57 नए साइबर थानों की स्थापना के साथ, सभी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो जांच के दायरे में होगी।
इसके अलावा, राज्य पुलिस ने सरकार को आईटी अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव देते हुए पत्र लिखा है, जो उप-निरीक्षकों को साइबर अपराधों की जांच करने का अधिकार देगा। उन्होंने बताया, “वर्तमान में केवल निरीक्षकों को ही ऐसी जांच करने का अधिकार है, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर प्राथमिकी दर्ज करने और मामले के निपटारे में देरी होती है।