By अनन्या मिश्रा | Dec 20, 2024
किस दिन करें गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र का पाठ
वहीं एकादशी के दिन गजेंद्र मोक्ष स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। इसलिए कहा जाता है कि एकादशी के दिन गजेंद्र मोक्ष स्त्रोत का पाठ करने से जातक मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
अगर आप सत्यनारायण भगवान की कथा कर रहे हैं, तो पूजा के बाद गजेंद्र मोक्ष स्त्रोत का पाठ जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से जातक पर भगवान श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही व्यक्ति को सुख-समृद्धि की भी प्राप्ति होती है।
गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र का पाठ करने का महत्व
गजेंद्र मोक्ष स्त्रोत का पाठ करने से जातक को सभी समस्याओं से निजात मिल जाता है। बता दें कि गजेंद्र मोक्ष स्त्रोत की कथा का वर्णन भागवतमहापुराण में मिलता है। इसमें गजेंद्र नामक हाथी जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु की भक्ति में लीन रहता था। एक बार जब वह जल में स्नान कर रहा था, तो एक मगरमच्छ ने उसको पकड़ दिया और हाथी के पास बाहर निकलने का कोई उपाय नहीं था। ऐसे में गजेंद्र हाथी अपनी पूरी शक्ति के साथ मगरमच्छ से जूझा, लेकिन उसको विजय नहीं मिल पाई।
तब गजेंद्र ने भगवान श्रीहरि विष्णु का आह्वान किया। जिसके बाद श्रीहरि विष्णु ने फौरन अपने चक्र से मगरमच्छ को मार डाला और गजेंद्र को मुक्त कर दिया। इसलिए माना जाता है कि गजेंद्र मोक्ष स्त्रोत का पाठ करने से व्यक्ति को जीवन की समस्याओं और मानसिक परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है।