2024 तक भारत की सभी ट्रेनें बिजली से चलेंगी, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने किया एलान

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 29, 2020

नई दिल्ली। ''मैं भारत आकर अत्यंत गौरवान्वित अनुभव कर रहा हूं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई सफल बैठक से मैं बहुत प्रसन्न हूं। भारत और ब्राज़ील एक समान भविष्य साझा करते हैं और मुझे विश्वास है कि हम मिलजुल कर आगामी वर्षों में अपने सभी लक्ष्य हासिल कर लेंगे और इसके साथ ही भारत व ब्राज़ील का रिश्ता और ज्यादा मजबूत बनेगा,'' यह कहना था फेडरेटिव रिपब्लिक ऑफ ब्राज़ील के राष्ट्रपति श्री जैर बोल्सोनारो का, वह आज यहां ऐसोचैम द्वारा आयोजित इंडिया−ब्राज़ील बिज़नेस फोरम (प्ठठथ्) में बोल रहे थे।

अपने विशेष संबोधन में श्री पीयूष गोयल, माननीय वाणिज्य व उद्योग एवं रेल मंत्री, भारत सरकार ने कहा कि भारत में श्री बोल्सोनारो का आना किसी भी ब्राज़ीलियन राष्ट्रपति की सबसे उत्पादक व हाई प्रोफाइल यात्रा है। भारत व ब्राज़ील के संबंधों को प्रगाढ़ करने की जोरदार हिमायत करते हुए उन्होंने कहा, ''व्यापार के अनुकूल माहौल, कानून व्यवस्था और जीवंत समाज के बल पर भारत और ब्राज़ील बहुत ही उज्जवल भविष्य के द्वार पर खड़े हैं।''

रेलवे सेक्टर में सहयोग के बारे में उन्होंने कहा, ''पर्यावरण के प्रति अपने दायित्व हेतु हम बहुत जागरुक हैं। हमने बड़े पैमाने पर रेलवे का विद्युतिकरण अभियान आरंभ किया है और उम्मीद है कि 2024 तक संपूर्ण भारतीय रेल 100 प्रतिशत बिजली पर चलेगी और हमारी योजना 2030 तक भारतीय रेल नेटवर्क को शून्य उत्सर्जन वाला नेटवर्क बनाने की है।''

इसे भी पढ़ें: व्यापार संबंधों में निष्पक्ष और समान शर्तों की जरूरत, जलवायु परिवर्तन को लेकर भारत चिंतित: पीयूष गोयल

उद्घाटन सत्र का संचालन करते हुए ऐसोचैम के अध्यक्ष डॉ निरंजन हिरानंदानी ने उद्योग−व्यापार के नए रास्तों की तलाश करते हुए दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करने की हिमायत की। उन्होंने कहा, ''भारत अवसरों का देश है इसलिए उसे विदेशी निवेश और बेशुमार मौकों को आकर्षित करना चाहिए। दोनों देशों को संवहनीय सामाजिक वृद्धि के साझे लक्ष्य के लिए मिलकर काम करना चाहिए। कारोबारी मोर्चे पर दोनों देशों के बीच समन्वय को सुगम बनाने के लिए हम ब्राज़ील में ऐसोचैम का कार्यालय खोलने पर विचार कर रहे हैं।''

मेहमानों का स्वागत करते हुए फिक्की के सीनियर ऐक्ज़ीक्यूटिव कमिटी मेम्बर श्री सागर कौशिक ने कहा, ''हमारा मानना है कि भारत व ब्राज़ील के बीच प्रतिस्पर्धा के बजाय सम्पूरक संबंध ज्यादा है। दोनों देश मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक अटूट हिस्सा कायम करते हैं क्योंकि ये आर्थिक वृद्धि के इंजन हैं। हम दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं से आग्रह करते हैं कि इस प्लैटफॉर्म का उपयोग करते हुए दोनो अर्थव्यवस्थाओं के मध्य तालमेल कायम करें।''

इसे भी पढ़ें: अमेजन एक अरब डॉलर का निवेश कर भारत का कोई एहसान नहीं कर रही: पीयूष गोयल

सीआईआई के नेशनल काउंसिल मेम्बर श्री सी पी गुरनानी ने भारत−ब्राज़ील सहभागिता पर कहा, ''डिजाइन और इंजीनियरिंग में सहयोग से दोनों देशों को फायदा मिलेगा। भारत के पास बहुत बड़ा कार्यबल है। श्री जैर बोल्सोनारो की यह यात्रा भारत−ब्राज़ील रिश्तों को बहुत आगे बढ़ाएगी।''

इस एक दिवसीय बिज़नेस फोरम में ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था, बायोऐनर्जी, तेल व गैस, रक्षा उद्योग, इनोवेशन आदि पर पैनल चर्चाएं हुईं। इन सत्रों में ब्राज़ील के मंत्री समूह ने तो हिस्सा लिया ही साथ ही दोनों देशों के कई जानेमाने उद्योगपतियों ने भी शिरकत की। 


ऐसोचैम के बारे में

ऐसोचैम ने सन् 1920 में भारतीय उद्योग के कल्याण हेतु अपनी कोशिशों का सफर शुरु किया। इसे प्रोमोटर चैम्बर्स ने स्थापित किया जो भारत के सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। 400 से अधिक चैम्बर्स और ट्रेड ऐसोसिएशनें इससे जुड़ी हुई हैं और यह भारत भर में 4.5 लाख से ज्यादा सदस्यों को सेवाएं दे रही है। ऐसोचैम भारतीय उद्योग के लिए ज्ञान का स्त्रोत बन कर उभरी है, जो ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में वृद्धि एवं विकास के आयामों को पुनरूपरिभाषित करने के लिए तैयार है। अधिक जानकारी के लिए देखिए

प्रमुख खबरें

Hindustan Zinc में Stake Sale की तैयारी, ₹80,000 करोड़ का Disinvestment Target पूरा करेगी सरकार

Womens Asia Cup से पहले Pakistan को बड़ा झटका, Najiha Alvi चोटिल होकर बाहर, Sadaf Shamas की हुई एंट्री

England Cricket में बड़ा बवाल, Nightclub के बाहर हथकड़ी में दिखे Brydon Carse टेस्ट मैच से बाहर

हरियाणा में Godrej Group का मेगा प्लान, 20,000 करोड़ के Investment से खुलेंगे 40,000 Jobs के नए द्वार