By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 06, 2026
लखनऊ, पांच अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने एक आर्य समाज मंदिर को अगले आदेश तक विवाह कराने या विवाह प्रमाण पत्र जारी करने से रोक दिया है। अदालत ने विवाह पूर्व जोड़े की कानून के मुताबिक विवाह योग्य आयु का सत्यापन करने में कथित तौर पर विफल रहने को गंभीरता से लिया है। न्यायमूर्ति रजनीश कुमार और न्यायमूर्ति बबीता रानी की पीठ ने नेहा और एक अन्य याचिकाकर्ता द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
अदालत ने पूछा कि विवाह प्रमाण पत्र में आनंद कुमार की आयु 22 वर्ष दर्ज है, जबकि उसके आधार कार्ड में आयु एक जनवरी, 2007 है और उम्र के संबंध में कोई अन्य प्रमाण उपलब्ध नहीं है। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 31 अगस्त निर्धारित की।