Allahabad High Court ने अवैध हिरासत पर देवरिया SHO के वेतन से ₹65,000 का मुआवजा काटने का दिया आदेश

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 09, 2026

प्रयागराज, नौ सितंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने चार व्यक्तियों को 10 दिन तक अवैध हिरासत में रखने के लिए देवरिया जिले के गौरी बाजार के थाना प्रभारी (एसएचओ) और पुलिस अधीक्षक को बुधवार को कड़ी फटकार लगाई। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की पीठ ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ता दो, तीन और चार में से प्रत्येक को 20,000 रुपये और याचिकाकर्ता एक को 5,000 रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि कुल 65,000 रुपये मुआवजे की राशि एसएचओ के वेतन से वसूली जाएगी।

हालांकि, दो सितंबर को राज्य सरकार ने दावा किया कि कथित घटना के दौरान सीसीटीवी रिकॉर्डिंग प्रणाली में खराबी आ गई थी। इस दलील के बाद देवरिया के पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाना के एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से समन जारी किया गया था। अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज के लापता होने पर एसएचओ से सवाल किया जिस पर एसएचओ ने बताया कि सीसीटीवी प्रणाली में 12 अप्रैल, 2026 को खराबी आ गई थी।

अदालत ने एसएचओ से यह भी पूछा कि क्या सीसीटीवी प्रणाली को दुरुस्त करने के संबंध में रोजनामचा में कोई प्रविष्टि की गई थी, इस पर एसएचओ ने कहा कि ऐसी कोई प्रविष्टि नहीं की गई थी। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उन्हें सीसीटीवी प्रणाली खराब होने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। पीठ ने पुलिस अधीक्षक से एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई के बारे में पूछा और साथ ही यह सवाल भी किया कि एसएचओ को दोषी पाए जाने के बाद उसे दंडित क्यों नहीं किया गया, इस पर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एसएचओ को तबादला अपराध शाखा में कर दिया गया।

अदालत ने हालांकि इस कार्रवाई पर असंतोष जाहिर किया।

प्रमुख खबरें

Agra के खंदौली में दहेज विवाद के बाद पति ने की पत्नी की हत्या, दो बच्चों संग फरार

Bihar Flood: 14 जिलों में बिगड़े हालात, 41 लाख से अधिक आबादी प्रभावित

Raghav Chadha के वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने पर Delhi CEO ने दी सफाई

Election Commission से TMC सांसद Samirul Islam की मांग, बंगाल उपचुनाव में मिले वंचित मतदाताओं को हक