Allahabad High Court ने KGMU प्रोफेसर की बर्खास्तगी रद्द कर बहाली का आदेश दिया

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 25, 2026

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीतू सिंह को सेवा से हटाने का फैसला रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि डॉ. सिंह के खिलाफ की गई विभागीय जांच निर्धारित नियमों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं थी। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की अदालत ने मंगलवार को दिए आदेश में केजीएमयू को निर्देश दिया कि डॉ. सिंह को सेवा में बहाल किया जाए और उन्हें सेवा से जुड़े सभी लाभ दिए जाएं, जिसमें बकाया वेतन का भुगतान भी शामिल है।

जांच के बाद 10 जून 2020 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं, जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में सेवा समाप्ति के फैसले को चुनौती दी थी। अदालत ने कहा कि विभागीय जांच के दौरान आरोपों को साबित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। अदालत ने पाया कि जांच समिति ने डॉ. सिंह के खिलाफ इस्तेमाल किए गए मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को उचित तरीके से प्रमाणित या परखा नहीं व उनके आधार पर निष्कर्ष निकाल दिए।

पीठ ने माना कि सेवा समाप्ति का आदेश और उससे संबंधित कार्रवाई मनमानी तथा कानून के विरुद्ध थी। पीठ ने हालांकि केजीएमयू को डॉ. सिंह का जवाब प्राप्त होने के चरण से नई विभागीय जांच शुरू करने की छूट दी है। अदालत ने निर्देश दिया कि नई जांच लागू ‘अनुशासन और अपील नियमों’ के नियम संख्या सात के अनुसार की जाए।

अदालत ने यह भी कहा कि यदि पुनर्गठित जांच समिति में किसी कानूनी विशेषज्ञ को शामिल किया जाता है तो डॉ. सिंह को भी कार्यवाही के दौरान कानूनी सहायता लेने का अधिकार होगा।

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