Amalaki Ekadashi Puja Vidhi: आंवला पेड़ की पूजा से खुलेंगे भाग्य, जानें सही विधि और Powerful Mantra

By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 26, 2026

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। साल में कुल 24 एकादशी तिथियां आती है और प्रत्येक महीने में 2 एकादशी तिथि पड़ती है। आमलकी एकदाशी का व्रत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। आपको बता दें कि, इस एकादशी को आमलकी एकादशी, रंग भरी एकादशी या आंवला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन आंवले का विशेष महत्व माना जाता है। आमलकी एकादशी पर आंवले पेड़ की पूजा करना, आंवले का सेवन करना और आंवले का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

 धार्मिक शास्त्रों में  आंवले को पवित्र औषधीय और दिव्य गुणों वाला माना गया है। माना जाता है कि इस दिन आंवले की विधि-विधान से पूजा करने से समस्त पापों का क्षय होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस बार 27 फरवरी यानी कल आमलकी एकादशी मनाई जाएगी। इस दिन विधिवत रुप से आंवले के साथ ही भगवान विष्णु जी की पूजा की जाती है। आइए आपको आमलकी एकादशी पूजा विधि के बारे में बताते हैं।


आमलकी एकादशी की पूजा सामग्री


-आंवले का वृक्ष

- एक चौकी

-भगवान विष्णु की फोटो या मूर्ति

-दो दीपक-एक कलश स्थापना के लिए, दूसरा आरती के लिए

-कलश स्थापना के एक लोटा- लोटे में जल भरकर रखा जाता है।

- सुपारी

- हल्दी

-लौंग और इलायची

- पुष्प

- आम या अशोक के पत्ते

-कलावा

-कपूर

-सिंदूर

-माचिस

-तिल

-गुलाल (इस दिन रंगभरी एकादशी भी है, इसलिए गुलाल का विशेष महत्व है। )

- भोग के लिए मिठाई (इस दिन फलाहार का भोग ही लगता है)

- आंवला

- तुलसी के पत्ते 


आमलकी एकादशी पूजा विधि


- सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके पीले या लाल रंग के वस्त्र को धारण करें।


- पूजा के स्थान को अच्छी तरह से साफ करें और सभी भगवानों को स्नान कराएं। खासकर भगवान विष्णु जी की प्रतिमा या तस्वीर को अच्छी तरह से साफ कर लें और लड्डू गोपाल को अच्छी तरह से स्नान कराएं और साफ वस्त्र पहनाएं।


- इसके बाद एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।


- फिर भगवान विष्णु जी के सामने घी का दीपक जलाएं और पीले फूलों को अर्पित करें। इसके साथ ही श्री विष्णु जी को अक्षत और तुलसी दल भी अर्पित करें।


- इसके साथ ही आपको आमले के पेड़ की पूजा करनी है और इसकी 7 बार परिक्रमा करनी है।


- अगर आपके घर के आस-पास आंवले का पेड़ आसानी से न मिले तो आप आंवले के फल विष्णु जी को चढ़ाएं और पेड़ का ध्यान करते हुए पूजन करें।


- इसके साथ ही आमलकी एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होती है। 


- आखिर में भगवान विष्णु की आरती करें और सभी को प्रसाद वितरित करें। 


इन मंत्रों का करें जप


एकादशी मंत्र (Lakshmi Narayan Wealth Mantras)


 - ॐ ह्री श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय चिंतायै दूरय दूरय स्वाहा ।


- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सौं ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्री ॐ।


- ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये

धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥


-  ऊँ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम ।।


- ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:

अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय

त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप

श्री धनवंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥

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