By अनन्या मिश्रा | Jul 03, 2025
बता दें कि हर साल सावन के महीने भगवान शिव के स्वयंभू हिमलिंग के दर्शन होते हैं। भक्त कई किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा करके इस पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। वहीं बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन से व्यक्ति अपने जीवन को धन्य मानते हैं। बताया जाता है कि भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। तब यही गुफा भगवान शिव और मां पार्वती की संवाद की साक्षी बनी थी। इसलिए इस स्थान को अमरनाथ कहा जाता है। भगवान शिव में आस्था रखने वाले लोग जीवन में एक बार इस यात्रा को जरूर करना चाहते हैं, जिससे उनके पाप मिट जाएं और मोक्ष मिल सके।
धार्मिक पुराणों के मुताबिक अमरनाथ गुफा वह जगह है, जहां भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरकथा सुनाई थी। अमर कथा सुनने के बाद भी जो जीव जीवित रह जाता है, वह अमर हो जाता है। इसलिए भगवान शिव ने यहां आकर सब कुछ त्याग दिया था और फिर मां पार्वती को कथा सुनाई थी। बताया जाता है कि भगवान शिव ने अपना वाहन नंदी, नागों और गणों को भी दूर भेज दिया। जिससे कोई इस रहस्य को सुन न सके। लेकिन इस दौरान कबूतर के एक जोड़े ने इस कथा को सुन लिया और तभी से माना जाता है कि वह आज भी अमर हैं। इस कथा के कारण इस गुफा को अमरनाथ गुफा कहा जाता है।
बता दें कि इस साल अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 03 जुलाई से हो रही है और यह 31 अगस्त तक चलेगी। वहीं देशभर से हजारों की संख्या में भक्त इस पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिससे कि यात्रा निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।