By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 23, 2025
नोबेल पुरस्कार प्राप्त अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने शुक्रवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसे संवेदनशील तरीके से नहीं किया गया तो यह गरीब और हाशिए पर रहने वाले लोगों को ‘‘मताधिकार से वंचित’’ कर सकता है।
सेन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हां, यह सच है कि समय-समय पर विभिन्न प्रक्रियागत कार्यों को पूरा करने की आवश्यकता होती है। हालांकि, ऐसा करते समय गरीबों के अधिकारों को कुचलकर कोई ‘बेहतर व्यवस्था’ नहीं बनाई जा सकती।’’
उन्होंने एक न्यायपूर्ण और समावेशी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कई लोग अब भी सही दस्तावेजों के बिना रह रहे हैं और परिणामस्वरूप वे अक्सर चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं।
सेन ने कहा, ‘‘कई लोगों के पास दस्तावेज नहीं हैं। कई वोट नहीं कर सकते... अगर चीजों को सुधारने के नाम पर बहुतों को नुकसान पहुंचाया जाता है, तो यह गंभीर गलती बन जाती है।