Lalbaugcha Raja: जानें लालबागचा राजा का अद्भुत इतिहास, मछुआरे समुदाय ने रखी थी नींव

By अनन्या मिश्रा | Sep 01, 2025

गणेश चतुर्थी का पर्व हिंदू धर्म का एक पावन त्योहार है। इस पर्व को महाराष्ट्र में श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस पावन पर्व के मौके पर मुंबई में 10 दिनों तक भव्य गणेश उत्सव का आयोजन होता है। इस पर्व में आकर्षण का मुख्य केंद्र लालबागचा राजा होते हैं। जिनकी ख्याति देश-विदेशों में भी है। इस पर्व को विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस शुभ मौके पर लाल बाग में स्थापित गणपति बप्पा की विशाल मूर्ति की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है।

गणपति बप्पा का स्वरूप

लालबाग में विराजमान विघ्नहर्ता की अद्वितीय और आकर्षक मूर्ति 18-20 फीट ऊंची है। यह श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र है। लालबाग के राजा के इस स्वरूप को पेटेंट करवा लिया गया है। गणपति बप्पा की इस मूर्ति का निर्माण करने की जिम्मेदारी करीब 89 सालों से कांबली परिवार संभाल रहा है। भगवान गणेश के इन अनोखे स्वरूप में मूर्ति के चेहरे को थोड़ा पतला बनाया जाता है। इस दौरान गणपति बप्पा सिंहासन पर बैठे नजर आते हैं।

हर धर्म के लोग करते हैं दर्शन

लालबाग में जात-पात और धर्म के भेदभाव से अलग सभी लोग भगवान गणेश के दर्शन करने और आशीर्वाद लेने जाते हैं। लालबागचा राजा का आशीर्वाद लेने और दर्शन करने के लिए कई फेमस हस्तियां पहुंचती हैं। इस दौरान बॉलीवुड के एक्टर्स और अंबानी परिवार के लोग भी आते हैं। इस दस दिवसीय महोत्सव के दौरान पूरी मुंबई नगरी भगवान गणेश की भक्ति में डूबी नजर आती है।

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