By एकता | Apr 05, 2026
ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई अब खुद अमेरिका के लिए सिरदर्द बनती दिख रही है। युद्ध की वजह से अमेरिका में महंगाई तेजी से बढ़ने लगी है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ रहा है। ईंधन की बढ़ती कीमतों की भरपाई के लिए दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने अपनी डिलिवरी पर एक्स्ट्रा चार्ज लगाने की घोषणा की है। वहीं, कई एयरलाइन कंपनियों ने भी सामान ले जाने की फीस बढ़ा दी है।
डीजल की हालत और भी खराब है। पिछले साल जो डीजल 3.64 डॉलर था, वह अब बढ़कर 5.53 डॉलर प्रति गैलन हो गया है। डीजल की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर खेती, निर्माण और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा।
बढ़ती लागत को देखते हुए अमेजन 17 अप्रैल से अपने सेलर्स पर 3.5 प्रतिशत का फ्यूल सरचार्ज लगाने जा रही है। इसी तरह, अमेरिकी डाक सेवा ने भी अस्थाई रूप से 8 प्रतिशत सरचार्ज लगाने का प्रस्ताव रखा है। यदि मंजूरी मिली, तो यह 26 अप्रैल से लागू होकर जनवरी 2027 तक जारी रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह युद्ध लंबा खिंचा, तो अमेरिका की सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा सकती है।
आर्थिक मामलों की जानकार रैशल जिएम्बा का कहना है कि यह एक ग्लोबल मार्केट है और अमेरिका इस महंगाई से बच नहीं पाएगा। उनके अनुसार, एक्सपर्ट्स की चिंता अब पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। वहीं, शिकागो फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने चेतावनी दी है कि अगर ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ती है, तो इसका असर हर चीज की कीमत पर पड़ेगा। निकट भविष्य में उपभोक्ता इस बढ़ते बोझ को महसूस करेंगे। लोग पहले से ही बढ़ते खर्चों को लेकर काफी परेशान हैं।