Indian Delegation Meets US Officials | 'आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ है अमेरिका', अमेरिकी उप विदेश मंत्री का भारत को समर्थन

By रेनू तिवारी | Jun 07, 2025

वरिष्ठ कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में भारत के एक सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख अमेरिकी सांसदों और अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत की प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी दी। यात्रा के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से कहा कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है।

यह प्रतिनिधिमंडल पहलगाम आतंकवादी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर भारत के रुख से अवगत कराने के लिए अमेरिका आया है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को यहां लैंडाउ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख वार्ताकारों को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया गया था।

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पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘डॉ. शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की अमेरिकी उप विदेश मंत्री लैंडाउ के साथ अच्छी और स्पष्ट बातचीत हुई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें पहलगाम आतंकवादी हमले की क्रूरता और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में जानकारी दी।’’ लैंडाउ ने ‘एक्स’ पर एक ‘पोस्ट’ के जरिए कहा कि भारतीय संसदीय प्रतिनिधियों के साथ यह बैठक ‘‘शानदार’’ थी।

 

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने फिर से पुष्टि की कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। हमने दोनों देशों में विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों का विस्तार करने समेत अमेरिका-भारत रणनीतिक संबंधों पर चर्चा की।’’ विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि लैंडाउ ने ‘‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी में भारत के लिए अमेरिका के मजबूत समर्थन की पुष्टि की।’’

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बयान के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने दोनों देशों में आर्थिक विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों का विस्तार करने समेत प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के महत्व पर लैंडाउ के साथ चर्चा की। दूतावास ने एक बयान में कहा कि लैंडाउ के साथ बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले के बारे में जानकारी दी, उसके बाद चलाए गए भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की और सीमा पार आतंकवाद के सभी रूपों का मुकाबला करने के भारत के दृढ़ संकल्प को सामने रखा।

 

उन्होंने कहा, ‘‘उप विदेश मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के लिए अमेरिका के मजबूत समर्थन की पुष्टि की। दोनों पक्षों ने आपसी हितों के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाकर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के महत्व पर भी व्यापक बातचीत की।’’ प्रतिनिधिमंडल ने सीनेट की विदेश संबंध समिति के सदस्य सीनेटर क्रिस वान होलेन से भी बातचीत की और उन्हें पाकिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद के खतरे के बारे में जानकारी दी जिसने भारत और अमेरिका दोनों को प्रभावित किया है।

 

सीनेटर ने भारत में बार-बार हुए आतंकवादी हमलों के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है तथा उन्होंने नयी दिल्ली के आत्मरक्षा के अधिकार के प्रति समर्थन व्यक्त किया। थरूर ने अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के सदस्य सीनेटर कोरी बुकर से भी फोन पर बात की और इस बातचीत को ‘‘गर्मजोशी से भरी और सार्थक’’ बताया।

 

थरूर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में सरफराज अहमद (झारखंड मुक्ति मोर्चा), गंटी हरीश मधुर बालयोगी (तेलुगु देशम पार्टी), शशांक मणि त्रिपाठी (भारतीय जनता पार्टी), भुवनेश्वर कलिता (भारतीय जनता पार्टी), मिलिंद देवड़ा (शिवसेना), तेजस्वी सूर्या (भारतीय जनता पार्टी) और अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत संधू शामिल हैं।

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