By अभिनय आकाश | Mar 05, 2026
ईरान, अमेरिका, इजराइल युद्ध का आज पांचवा दिन है। दोनों तरफ 5,000 से ज्यादा मिसाइलें दागी जा चुकी हैं। युद्ध के बीच अमेरिका ने हथियार प्रोडक्शन कंपनीज़ की बैठक बुलाई। दावा यह कि अमेरिका के पास हथियारों की कमी है। अगर युद्ध लंबा खींचा तो क्या होगा? ट्रंप हथियारों का प्रोडक्शन करने वाली अमेरिकी कंपनियों से मीटिंग का प्लान बना रहे हैं। ईरान से युद्ध ट्रंप को भारी पड़ने लगा है। खुद को महाशक्ति कहने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के दिल की धड़कनें बढ़ गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में ₹6,900 करोड़ स्वाहा हो गया है। ईरान पर हमले से पहले तैयारियों पर पहले ही ₹5,500 करोड़ खर्च हो चुका है। अगर युद्ध लंबा खिंचा तो ₹18 लाख करोड़ से ज्यादा खर्च हो सकता है। लेकिन ट्रंप पर अमेरिका के लिए पैसे की कमी या खर्च बड़ी समस्या नहीं है। परेशानी युद्ध लड़ने वाले हथियार और मिसाइलों की है। अमेरिका के हाईटेक पर घातक हथियार ही ट्रंप की ताकत है।
इससे ट्रंप परेशान हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका का सबसे हाईटेक इंटरसेप्टर थार की 25% कमी हो गई। जहाजों पर तैनात रडारों की भी कमी हो गई है। सबसे ज्यादा असर जीपीएस गाइडेड किट पर पड़ा है। जिस तरह से ईरान अमेरिका के एंबेसी को निशाना बना रहा है। चुन चुन कर मार रहा है। कहीं हथियारों की कमी ट्रंप को भारी ना पड़ जाए।