By अभिनय आकाश | Jul 24, 2025
एमिकस क्यूरी और वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने सर्वोच्च न्यायालय से सहमति की वैधानिक आयु 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष करने का आग्रह किया है। निपुण सक्सेना बनाम भारत संघ मामले में शीर्ष न्यायालय की सहायता कर रही जयसिंह ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो), 2012 और भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के तहत 16 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों से जुड़ी यौन गतिविधियों को पूरी तरह से अपराध घोषित करने को चुनौती देते हुए अपने लिखित प्रस्तुतियाँ दी हैं। उन्होंने तर्क दिया है कि वर्तमान कानून किशोरों के बीच सहमति से बनाए गए रोमांटिक संबंधों को अपराध मानता है और उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।
उन्होंने बताया कि यह वृद्धि बिना किसी बहस के की गई और न्यायमूर्ति वर्मा समिति की सहमति की आयु 16 वर्ष बनाए रखने की सिफ़ारिश के विरुद्ध है। आज किशोरों के लिए नियुक्त न्यायमित्र (एमिकस क्यूरी) समय से पहले यौवन प्राप्त कर लेते हैं और अपनी पसंद के रोमांटिक और यौन संबंध बनाने में सक्षम होते हैं।