By अभिनय आकाश | Apr 14, 2026
एक तरफ लेबनान के हालात बेहद खराब हैं क्योंकि इजराइल लगातार दक्षिणी लेबनान में अपना ऑपरेशन तेज कर रहा है। वहीं लगातार लेबनान के बिगड़ते हालात के बीच भारत के साथ लेबनान की मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं। लेबनान में इस वक्त राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट, सीमा क्षेत्रों में बढ़ते तनाव के कारण वहां हालात बिगाड़ दिए हैं। ऐसे समय में संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना यानी कि यूनाइटेड नेशन इंट्रिम फोर्स इन लेबनान वहां स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है। भारत भी इस मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और उसका योगदान लंबे समय से सराहा जाता रहा है।
सबसे बड़ी समस्या क्षेत्र में बढ़ते तनाव और समय-समय पर होने वाली झड़पें हैं। खासकर हिजबुल्ला और इजराइल के बीच जब झगड़े होते हैं। इन घटनाओं के कारण शांति सैनिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। इसके अलावा स्थानीय राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट के चलते शांति मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करना कठिन हो जाता है।
भारतीय बटालियन को भी कई तरह की व्यवहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, सीमित संसाधन और कभी-कभी स्थानीय स्तर पर विरोध जैसी समस्याएं वहां देखी गई हैं। फिर भी भारतीय सैनिक अपने पेशेवर रवैया और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया है। भारत ने लेबनानी सशस्त्र बलों के साथ प्रशिक्षण, सहयोग को और मजबूत करने की बात कही है। इसका उद्देश्य यह है कि लेबनान अपनी आंतरिक सुरक्षा को और बेहतरीन तरीके से संभाल सके जिससे बाहरी शांति बलों पर निर्भरता कम हो।
वहीं यह मुलाकात ऐसे वक्त में हुई है जब इजराइल का ऑपरेशन लगातार जारी है। हाल में इजराइल के हमले के कारण यूनाइटेड नेशन पीस कीपिंग फोर्स के जवान उसकी चपेट में आए थे। एक और घटना सामने आई है जहां आरोप इजराइल पर यह लगा कि उसके टैंक ने यूनाइटेड नेशन पीस कीपिंग फोर्स की गाड़ी पर हमला कर दिया। अब ऐसे में स्थिति तनावपूर्ण है। नेतयाहू अपने कदम पीछे खींचने को राजी नहीं है। भारत लगातार शांति और स्थिरता की वकालत कर रहा है। लेबनान में हो रहे यूएन पीसकीपर्स फोर्स को निशाना बनाकर हमलों पर चिंता व्यक्त कर रहा है। और दूसरी तरफ लेबनानी शस्त्र बलों के कमांडर से मुलाकात कर रहा है।