By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 31, 2022
आजाद व अन्य नेताओं के पार्टी छोड़कर जाने पर उन्होंने कहा, “आज समय था भाजपा व केंद्र सरकार के खिलाफ चल रही मुहिम में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का, अपनी भूमिका निभाने का…लेकिन कहीं न कहीं ये नेता अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटे हैं। जैसा सोनिया गांधी खुद कह चुकी हैं कि जिन लोगों को पार्टी ने इतना कुछ दिया, आज उनके लिए पार्टी को वापस देने का वक्त है। ऐसा करने के बजाय वह (नेता) पार्टी छोड़कर चले गए तो जनता व समय तय करेगा कि (उनका) यह निर्णय कितना गलत व कितना सही था।” महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार ने अब तक एक आश्वासन देना भी ठीक नहीं समझा कि हम महंगाई को काबू करेंगे। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा के सत्र में भी सरकार की ओर से इस बारे में कोई आश्वासन नहीं दिया गया। पायलट ने कहा, “केंद्र सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों से ध्यान बंटाने के लिए बड़ी चतुराई से काम करती है ताकि वे मुद्दा नहीं बन पाएं।” उन्होंने कहा कि इस कमरतोड़ महंगाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने हल्लाबोल का नारा दिया है और चार सितंबर को दिल्ली में ‘महारैली’ की जा रही है। उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि केंद्र की सोई सरकार, महंगाई को काबू करने के लिए कुछ कदम उठाने को मजबूर होगी।” उन्होंने दावा किया कि यह रैली व सात सितंबर से शुरू हो रही कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ऐतिहासिक रहेगी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आगामी जोधपुर दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि शाह वहां पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने के बारे में घोषणा करेंगे।