PM Narendra Modi ने देश को प्रदर्शन आधारित राजनीति की ओर बढ़ाया: Amit Shah

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 13, 2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने भारत को भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवादी राजनीति की बुराइयों से दूर ले जाकर ‘कामकाजी’ प्रदर्शन आधारित राजनीति के एक नए युग की शुरुआत की है। मोदी के जन्मदिन और ‘गुजरात तथा केंद्र में मोदी शासन के 25 साल’ पूरे होने के मौके पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किए जाने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की घोषणा के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को नीतिगत पंगुता, गठबंधन की मजबूरियों और खराब निर्णय लेने की स्थिति से मुक्त किया है। उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2014 से पहले भारतीय राजनीति तीन बुराइयों - भ्रष्टाचार, जातिवाद और पारिवारवाद - से जूझ रही थी।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने देश को नीतिगत पंगुता, गठबंधन की मजबूरियों और खराब निर्णय लेने की स्थिति से मुक्त किया है।’’ शाह ने कहा कि भाजपा, उसके सहयोगी दल और देशभर के लोग मिलकर प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से एक महीने तक चलने वाला अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक मोदी का जन्मदिन ‘सेवा सप्ताह’ के रूप में मनाती थी और कुछ जगहों पर यह एक सप्ताह तक चलता था, लेकिन इस साल का आयोजन विशेष होगा क्योंकि सात अक्टूबर को मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार काम करने के 25 वर्ष पूरे हो जाएंगे। शाह ने कहा, ‘‘देश में बहुत कम नेताओं का रिकॉर्ड है, जिन्होंने किसी राज्य के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 वर्षों तक जनता की सेवा की हो।’’ उन्होंने कहा कि मोदी ने बार-बार चुनाव जीते और 25 वर्षों तक राज्य तथा देश की जनता की सेवा एवं कल्याण का काम लगातार जारी रखा।

इस अभियान के तहत 12 प्रमुख कार्यक्रम होंगे, जिनमें रक्तदान और दीप प्रज्वलन अभियान, युवाओं के लिए चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं, लाभार्थियों के साथ संवाद, गुजरात में मोदी के जन्मस्थान वडनगर और उनके लोकसभा क्षेत्र वाराणसी के बीच मोटरसाइकिल यात्राएं तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसमें ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम भी शामिल होगा, जिसे शाह ने दुनिया की सबसे बड़ी मानव-समूह रंगोली पहल बताया। इसके अलावा ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें पांच क्षेत्रीय नवाचार प्रतियोगिताएं होंगी।

शाह ने कहा कि देश ने ‘भारत प्रथम’ के सिद्धांत पर आधारित मजबूत विदेश और रक्षा नीति देखी है, भारतीय अर्थव्यवस्था की गिनती अब ‘फ्रैजाइल फाइव’ (सबसे कमजोर पांच देश) में नहीं होती क्योंकि यह अब दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गई है। उन्होंने भारत के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन के प्रमाण के रूप में पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.8 प्रतिशत वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने जीएसटी, जनधन-आधार-मोबाइल त्रिमूर्ति, बैंकिंग सुधारों, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और ‘मेक इन इंडिया’ को देश की अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने का श्रेय दिया।

शाह ने कहा कि 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। उन्होंने कल्याणकारी उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि 81 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न, 58 करोड़ बैंक खाते, 44 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर, 16 करोड़ परिवारों को नल से जल की आपूर्ति, 13 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सालाना 6,000 रुपये और 13 करोड़ परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने उज्ज्वला गैस कनेक्शन, आवास योजना और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी कल्याणकारी पहलों के उदाहरण के रूप में गिनाया।

शाह ने कहा कि भारत के बुनियादी ढांचे में भी तेजी से विस्तार हुआ है, जिसमें सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, मेट्रो, बंदरगाह, जलमार्ग और डिजिटल बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डों की संख्या करीब 75 से बढ़कर 150 हो गई है। उन्होंने समर्पित माल ढुलाई गलियारों, वंदे भारत ट्रेन और बेहतर सीमा संपर्क का भी उल्लेख किया।

उन्होंने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख किया और सशस्त्र बलों, पुलिस, विज्ञान, स्टार्टअप, ड्रोन तथा खेलों में महिलाओं की भागीदारी का भी जिक्र किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने आतंकवादी हमलों के प्रति कड़ा रुख अपनाया और अनुच्छेद 370, वामपंथी उग्रवाद तथा पूर्वोत्तर में सुरक्षा चुनौतियों जैसे मुद्दों का समाधान किया है। उन्होंने कहा कि ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, ‘एयर स्ट्राइक’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने आतंकवाद के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने (जीरो टॉलरेंस) की नीति को स्थापित किया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम के पुनर्विकास जैसी परियोजनाएं आस्था के केंद्रों के विकास के लिए सरकार के प्रयासों को दर्शाती हैं। उन्होंने नए संसद भवन, सेंगोल (ऐतिहासिक स्वर्णिम राजदंड), चंद्रयान-3, आदित्य-एल1, वन रैंक वन पेंशन और प्रमुख रक्षाध्यक्ष (सीडीएस) के पद के सृजन को भी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया। विदेश नीति के संदर्भ में शाह ने कहा कि दुनिया में भारत की स्थिति काफी मजबूत हुई है।

उन्होंने वैक्सीन मैत्री, व्यापार समझौतों तथा जी20 और ब्रिक्स में भारत के नेतृत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में चाहे कोई भी समस्या हो, आज भारत के प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण मायने रखता है।

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