Amit Shah की चुनावी रणनीति को मात देना आसान नहीं, उन्हें भारतीय राजनीति का चाणक्य यूँ ही नहीं कहा जाता

By नीरज कुमार दुबे | May 04, 2026

अमित शाह को यूँ ही आधुनिक भारतीय राजनीति का चाणक्य नहीं कहा जाता। वह जिस राज्य में अंगद की तरह पैर जमा कर बैठ जाते हैं वहां भाजपा की प्रचंड विजय सुनिश्चित कर देते हैं। पश्चिम बंगाल में कोई सोच नहीं सकता था कि टीएमसी और ममता बनर्जी की सरकार चली जायेगी लेकिन अमित शाह ने जो संकल्प ले लिया तो उसे सिद्ध होने से कोई रोक नहीं सकता। अमित शाह की चुनावी रणनीति को कोई भेद नहीं सकता और अमित शाह को चुनौती देने वाला ही आखिरकार घुटने टेकने पर मजबूर होता है यह बंगाल चुनावों ने दिखा दिया। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी, टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और महुआ मित्रा ने अमित शाह को चुनाव प्रचार के दौरान तमाम तरह की चुनौतियां दीं लेकिन चुनाव परिणाम ने दर्शा दिया कि अमित शाह चुनौतियों को भी चुनौती देने वाली शख्सियत हैं।

हम आपको बता दें कि दोपहर करीब 12:30 बजे जैसे ही घड़ी ने दस्तक दी, सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक पुराना वीडियो अचानक वायरल हो गया। इस वीडियो में उन्होंने चुनावी रुझानों को लेकर जो समय और संकेत दिए थे, वे मौजूदा परिस्थितियों से एकदम मेल खा रहे थे। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, ‘कमल’ के खिलने की संभावना ने इस वीडियो को चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। वीडियो लग जायेगा।

इसे भी पढ़ें: अमित शाह की आंख, कान और जुबान, जिनकी ‘साइलेंट’ रणनीति ने बंगाल में 'पोरिबरतन' के सपने को साकार किया

देखा जाये तो पश्चिम बंगाल में भाजपा की इस प्रचंड सफलता के केंद्र में अमित शाह की रणनीति और नेतृत्व को निर्णायक माना जा रहा है। इस चुनाव में उन्होंने केवल एक स्टार प्रचारक की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि पूरे अभियान के मुख्य रणनीतिकार के रूप में कार्य किया। यह जीत सिर्फ एक लहर का परिणाम नहीं, बल्कि महीनों की सूक्ष्म योजना, संगठनात्मक मजबूती और जमीनी स्तर पर किए गए सतत प्रयासों का फल भी है।

इस चुनाव में कई ऐसे चेहरे भी उभरकर सामने आए हैं, जिन्हें “साइलेंट हीरो” कहा जा रहा है। शुभेन्दु अधिकारी और दिलीप घोष जैसे स्थानीय नेताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति ने भाजपा को मजबूत आधार दिया। इसके साथ ही मंगल पाण्डेय को राज्य प्रभारी बनाना भी एक सोचा-समझा कदम था। इन सबके पीछे अमित शाह की स्पष्ट रणनीतिक सोच काम कर रही थी, जिसमें स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता देना शामिल था।

रणनीतिक स्तर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की भूमिका भी बेहद अहम रही। हरियाणा और महाराष्ट्र के बाद बंगाल में भी उन्होंने अपनी चुनावी समझ और प्रबंधन क्षमता का प्रभाव छोड़ा। इसी तरह संगठन को मजबूत बनाने में सुनील बंसल और बिप्लब कुमार देब ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। ये सभी नेता सीधे शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में रहकर काम कर रहे थे, जिससे रणनीति और क्रियान्वयन के बीच तालमेल बना रहा।

चुनाव के दौरान अमित शाह का लगभग 15 दिनों तक पश्चिम बंगाल में डेरा जमाए रखना भी एक बड़ा फैक्टर रहा। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का काम किया। साथ ही भाजपा ने अपने संगठनात्मक ढांचे का पुनर्गठन करते हुए उन क्षेत्रों में भी पैठ बनाई, जहां पहले उसकी मौजूदगी सीमित थी। मुद्दों की बात करें तो भाजपा ने कानून-व्यवस्था, राजनीतिक हिंसा और भ्रष्टाचार जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया। घुसपैठ और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को भी चुनावी विमर्श के केंद्र में रखा गया। पार्टी ने दावा किया कि राज्य में अवैध घुसपैठ एक गंभीर समस्या है, जिसे नियंत्रित करना आवश्यक है। साथ ही, यह वादा भी किया गया कि सत्ता में आने पर CAA को लागू किया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।

महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कट-मनी, भ्रष्टाचार और खराब शासन के आरोप लगाते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि राज्य में बदलाव की जरूरत है। उन्होंने विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसरों का वादा कर मतदाताओं को आकर्षित किया। बहरहाल, अमित शाह के बारे में कहा जा सकता है कि उन्होंने जिस शिद्दत के साथ बंगाल में मेहनत की और खुद पूरे चुनाव अभियान का नेतृत्व किया उससे समय रहते चूक या गलतियों की संभावनाएं खत्म हो गयीं और आजादी के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में भगवा राज आ गया।

प्रमुख खबरें

Delhi में आतिशबाजी के बाद Air Quality गंभीर, 20 निगरानी केंद्रों पर AQI खतरनाक स्तर पर

West Bengal में Kali Puja पर उमड़ी भारी भीड़, दक्षिणेश्वर और कालीघाट में लगीं कतारें

Delhi में पाबंदियों की अनदेखी कर देर रात तक फूटे Firecrackers, AQI 376 तक पहुंचा

Thailand में शुरू हुआ 27 दिवसीय Grand Diwali Festival, PM ने किया शुभारंभ