Amit Shah UN Speech | अमित शाह ने UN में किया दावा: भारत में सहकारिता अब सिर्फ परंपरा नहीं, नवोन्मेष-आत्मनिर्भरता का इंजन

By रेनू तिवारी | Jul 29, 2025

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन, संयुक्त राष्ट्र में केन्या गणराज्य के स्थायी मिशन और संयुक्त राष्ट्र में मंगोलिया के स्थायी मिशन ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में 'सहकारिता और सतत विकास: गति बनाए रखना और नए रास्ते तलाशना' शीर्षक से एक स्मारक कार्यक्रम का आयोजन किया। गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व-रिकॉर्ड किए गए वीडियो के माध्यम से समावेशी विकास, असमानता, खाद्य असुरक्षा आदि जैसी राष्ट्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहकारिता की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के मंत्र का स्मरण किया। 

इसे भी पढ़ें: पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा का खात्मा, सेना ने बनाया था तगड़ा ट्रेपिंग प्लान, पीड़ितों के परिवारों को मिली राहत

ष स्मृति कार्यक्रम में पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो संदेश दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में सहकारिता एक जीवंत और समुदाय-आधारित प्रणाली है जो कृषि से लेकर वित्त, उपभोग से लेकर निर्माण और ग्रामीण सशक्तीकरण से लेकर आपसी सहयोग और लोकतांत्रिक भागीदारी के माध्यम से डिजिटल समावेशन तक हर क्षेत्र को समाहित करती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसकी अनूठी ताकत इस बात में निहित है कि यह स्थानीय स्तर पर लाभ देती है, साथ ही ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में सम्मानजनक आजीविका का एक सशक्त माध्यम भी बनती है।’’

शाह ने कहा कि इस कार्यक्रम की विषय वस्तु इस बात को दर्शाती है कि सहकारिता की अवधारणा न केवल आज की आधुनिक दुनिया में प्रासंगिक है, बल्कि सतत और समावेशी विकास के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में सहकारिता अब अपनी पारंपरिक सीमाओं से आगे निकल चुकी हैं और डिजिटल सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, ऊर्जा, जैविक खेती और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में नवोन्मेष व आत्मनिर्भरता का माध्यम बन चुकी हैं।’’

इसे भी पढ़ें: पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा का खात्मा, सेना ने बनाया था तगड़ा ट्रेपिंग प्लान, पीड़ितों के परिवारों को मिली राहत

शाह ने कहा कि तकनीकी नवोन्मेष आज सहकारिताओं को और अधिक समावेशी बना रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने केन्या और मंगोलिया के स्थायी मिशनों के साथ मिलकर न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के उपलक्ष्य पर यह कार्यक्रम आयोजित किया।

केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सहकारिता के सिद्धांत, उनके मूल्य और जन-केंद्रित दृष्टिकोण उन्हें मानव-केंद्रित विकास के सबसे प्रभावशाली मॉडल में से एक बनाते हैं। गौरतलब है कि भारत में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना जुलाई 2021 में हुई थी और अमित शाह देश के पहले सहकारिता मंत्री बने थे।

शाह ने बताया कि भारत ने हाल में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की है, जो सहकारी क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान, नवोन्मेष और नेतृत्व विकास के लिए एक केंद्र के रूप में काम करेगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने भारत के राष्ट्रीय विकास में सहकारी क्षेत्र द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

प्रमुख खबरें

West Bengal में Suvendu Adhikari का एक्शन, पहली Cabinet बैठक में लिए 6 बड़े फैसले

ट्रेड, व्यापार और रेयर अर्थ मिनिरल्स... चीन के दौरे पर जाएंगे ट्रंप, जिनपिंग से मुलाकात बढ़ाएगी भारत की टेंशन?

प्यार हमेशा ज़्यादा ज़ोरदार होता है, विजय के मुख्यमंत्री बनने पर Trisha Krishnan की मिस्ट्री पोस्ट ने खींचा सबका ध्यान

Astrology Tips: लक्ष्मी नारायण राजयोग से 4 राशियों का Golden Time शुरू, मिलेगी सफलता