By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 18, 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को घोषणा की कि वह 20 अक्टूबर को पंजाब का दौरा करेंगे और मानसा, संगरूर तथा गुरदासपुर में नशे की समस्या से जुड़ी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने के कारण हाल में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। शाह ने यह आरोप भी लगाया कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने राज्य को ‘‘नशे के दलदल में धकेलने’’ में कोई कसर नहीं छोड़ी है। शाह का 20 दिन में पंजाब का यह दूसरा दौरा होगा।
नशे के इस काले कारोबार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी और प्रदेशवासी इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।’’ शाह ने कहा, ‘‘भारत सरकार चिट्टा कारोबारियों को चुन-चुनकर जेल की सलाखों के पीछे भेजेगी और पंजाब सहित पूरे देश को नशे के इस कारोबार से मुक्त बनाकर रहेगी।’’ भाजपा सूत्रों ने बताया कि शाह मानसा और संगरूर जाएंगे, जहां वह क्रमशः नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा और गुलजार सिंह के परिजनों से मुलाकात करेंगे। झोटा और गुलजार सिंह दोनों की मौत राज्य में नशे की समस्या से जुड़ी घटनाओं में हुई थी। केंद्रीय गृह मंत्री गुरदासपुर भी जाएंगे, जहां वह 16 अक्टूबर को मारे गए 40 वर्षीय व्यक्ति के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
ग्रामीणों ने दावा किया कि उस व्यक्ति को अपने इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी का विरोध करने के कारण निशाना बनाया गया था। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उसकी हत्या मोबाइल फोन को लेकर दो समूहों के बीच हुए झगड़े का नतीजा थी। इससे पहले, भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में शाह के दौरे की घोषणा की, लेकिन उनके कार्यक्रम का विस्तृत ब्योरा साझा नहीं किया।
उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब 20 अक्टूबर को राज्य के दौरे पर आ रहे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत करता है।’’ बिट्टू ने कहा कि पंजाब नशे के गंभीर खतरे से जूझ रहा है और राज्य को अपने युवाओं तथा भविष्य की सुरक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई, मजबूत नेतृत्व और दृढ़ संकल्प की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही जनादेश खो चुकी है। बिट्टू ने पंजाब के लोगों से शाह और पंजाब को नशामुक्त बनाने के भाजपा के अभियान का समर्थन करने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘आइए, पंजाब के युवाओं को बचाने और राज्य का भविष्य फिर से संवारने के लिए एकजुट हों।’’ शाह ने 16 अक्टूबर को कहा था कि केंद्र सरकार पंजाब में हुई दो घटनाओं को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगेगी। इनमें दिड़बा में कथित दबाव के कारण जहर खाने वाले एक व्यक्ति की मौत और मानसा में झोटा की हत्या की घटना शामिल है। झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक भीड़भाड़ वाले बाजार में एक मेडिकल स्टोर के मालिक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
आरोप है कि झोटा ने एक बुजुर्ग को मादक पदार्थ बेचे जाने के बारे में सवाल किया था, जिसके बाद स्टोर मालिक अश्वनी कुमार ने उन पर गोली चलाई। बाद में कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, संगरूर जिले के दिड़बा निवासी गुलजार सिंह ने सात सितंबर को आत्महत्या कर ली थी।
उनके परिवार ने आरोप लगाया कि इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति को लेकर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल करने पर उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं, जिसके बाद उन्होंने जहर खा लिया। अगले साल की शुरुआत में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दल नशे की समस्या को लगातार प्रमुखता से उठा रहे हैं।