By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 24, 2026
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर ने अमरावती शहर के एक सरकारी अस्पताल की नवजात देखभाल इकाई में तड़के लगी आग की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित करने की सोमवार शाम घोषणा की। इस घटना में तीन नवजातों की मौत हो गई थी। अबिटकर ने आग से प्रभावित जिला महिला अस्पताल में “गंभीर” अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि समिति आग लगने के कारणों का पता लगाएगी और आठ दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
अबिटकर ने संवाददाताओं से कहा, “मैंने आज स्वास्थ्य विभाग के सचिव और कुछ स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ अस्पताल की स्थिति की समीक्षा की। यहां की स्थिति भयावह और दुर्भाग्यपूर्ण है। अस्पताल में जो भी अनियमितताएं थीं, वे गंभीर थीं।” उन्होंने कहा, “अस्पताल का निर्माण महज दो साल पहले हुआ था और उसके बाद आग लगने की ऐसी घटना हुई।
यह बिल्कुल गलत है।” मंत्री ने कहा कि आग सुबह करीब साढ़े तीन बजे नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में लगी और समिति इसके सही कारण का पता लगाने के साथ-साथ जिम्मेदारी भी तय करेगी। उन्होंने कहा, “समिति घटना की जांच करेगी और जिम्मेदारी तय करते हुए आठ दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट में जिन लोगों को इस हादसे के लिए दोषी या जिम्मेदार पाया जाएगा, उनके खिलाफ सिफारिश के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।” अधिकारियों ने बताया कि समिति अस्पताल के कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों समेत घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी।
अबिटकर ने कहा कि उनका विभाग मंगलवार को राज्य के चिकित्सा बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य व्यवस्था के कामकाज की समीक्षा के लिए बैठक करेगा। अमरावती शहर के जिला महिला अस्पताल के एनआईसीयू में सोमवार तड़के भीषण आग लगने से तीन नवजातों की मौत हो गई थी। आग एनआईसीयू के उस हिस्से में लगी थी, जहां समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले और गंभीर रूप से बीमार बच्चों का इलाज किया जा कहा था।
धुएं से भरी इकाई से 36 अन्य नवजातों को बचा लिया गया था।