By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 10, 2026
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल को अपना भाई बताया और उन्हें अपने घर पर भोजन के लिए आमंत्रित किया है। जरांगे मराठा समुदाय के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत आरक्षण की मांग को लेकर जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में 13 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांगों में हैदराबाद और सतारा गजट के रिकॉर्ड को लागू करना तथा मराठा समुदाय के पात्र सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करना शामिल है।
हमने कभी भी बातचीत के दरवाजे बंद नहीं किए हैं। सरकार चर्चा के जरिए समाधान निकालती है और पूरी प्रक्रिया इसी भावना के साथ आगे बढ़ रही है।’’ अमृता फडणवीस ने बुधवार को यह भी कहा था कि त्योहार समावेशी होते हैं और यदि कोई मुस्लिम व्यक्ति उत्सव में शामिल होता है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उनकी यह टिप्पणी राज्य के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नितेश राणे द्वारा विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के उस आह्वान का समर्थन करने के बाद आई है, जिसमें नवरात्र उत्सव के आयोजनों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही गई थी।
अमृता ने कहा कि नवरात्र और गरबा लोगों को हिंदू धर्म की एक झलक दिखाने के बहुत अच्छे तरीके हैं और उन्होंने इसकी विशिष्टता से दुनिया को अवगत कराने का आह्वान किया। विहिप ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्र उत्सव के दौरान राज्य भर के गरबा और डांडिया स्थलों पर मुसलमानों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।