By अभिनय आकाश | Jun 12, 2026
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ किसी समझौते की खबरें "सिर्फ अटकलें" हैं, लेकिन उम्मीद है कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच जिनेवा, स्विट्जरलैंड में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। CNN ने कई राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस प्रस्तावित समझौते में संघर्ष-विराम को बढ़ाना, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और इस्लामिक गणराज्य के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत के लिए एक रूपरेखा तैयार करना शामिल हो सकता है। सीएनएन के अनुसार, राजनयिक बातचीत से जुड़े दो सूत्रों ने बताया कि समझौते पर हस्ताक्षर समारोह के लिए जिनेवा पर विचार किया जा रहा है। एक सूत्र ने कहा कि यह कार्यक्रम राजनयिक बातचीत के "दूसरे चरण" की शुरुआत का प्रतीक होगा, जिसमें समझौता ज्ञापन को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया था कि यूरोप में जल्द ही हस्ताक्षर समारोह हो सकता है और इसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हो सकते हैं। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि हमने ईरान के साथ युद्ध को लेकर एक बढ़िया समझौता किया है और अब बस कागज़ात को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। अगले कुछ दिनों में यह काम पूरा हो जाना चाहिए। शायद यूरोप में इस समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। उन्होंने आगे कहा कि हस्ताक्षर होते ही जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) आधिकारिक तौर पर खुल जाएगा। यह जल्द ही, बहुत जल्द हो सकता है - शायद वीकेंड पर यूरोप में। मैं वहां नहीं जा पाऊंगा, लेकिन जेडी (उपराष्ट्रपति) और कुछ अन्य लोग वहां मौजूद रहेंगे। स्टीव विटकॉफ ने बहुत अच्छा काम किया है।
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, कई सूत्रों ने इस प्रस्तावित समझौते को "इस्लामाबाद समझौता" या "इस्लामाबाद घोषणा" का नाम दिया है। यह नाम बातचीत को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान की भूमिका को मान्यता देता है, भले ही वह पहले दोनों पक्षों के बीच कोई डील नहीं करवा पाया था। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि समझौते के नाम के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जबकि ईरान के एक सूत्र ने संकेत दिया कि वियना (ऑस्ट्रिया) पर भी संभावित स्थान के तौर पर विचार किया जा रहा था।
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक राजनयिक का हवाला देते हुए CNN ने बताया कि अंतरिम समझौते के तहत मौजूदा युद्धविराम को बढ़ाया जाएगा, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत के लिए एक रूपरेखा तैयार की जाएगी।