By अनन्या मिश्रा | Feb 24, 2026
अक्सर हम सभी घर की सजावट और मुख्य कमरों के वास्तु पर ध्यान देते हैं। लेकिन बाथरूम जैसी अहम जगह को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के मुताबिक बाथरूम का सीधा संबंध हमारी मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति से होता है। लेकिन कई लोग अंजाने में बाथरूम में बाल्टी को खाली छोड़ देते हैं। इस गलती को वास्तु शास्त्र में एक बड़ा दोष माना जाता है। क्योंकि यह छोटी सी लापरवाही आपके घर में कंगाली और नकारात्मकता की वजह बन सकती है।
वास्तु शास्त्र में पानी को 'प्रवाह' और 'सम्पन्नता' का प्रतीक माना जाता है। वास्तु के मुताबिक बाथरूम में खाली बाल्टी रखना अभाव और खालीपन को दर्शाता है। जब बाल्टी खाली होती है, तो यह घर में आने वाली पॉजिटिव एनर्जी के प्रवाह को रोकता है और आर्थिक तंगी का संकेत देती है।
एक्सपर्ट की मानें, तो अगर आप रात के समय बाल्टी को खाली छोड़ देते हैं, तो इससे घर में तनाव और सेहत संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी जल का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। वहीं खाली बर्तन मानसिक अशांति की वजह बन सकता है।
बता दें कि बाल्टी में सिर्फ पानी भरा होना ही काफी नहीं है, बल्कि इसका रंग भी मायने रखता है।
वास्तु शास्त्र में नीले रंग की बाल्टी को सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। क्योंकि नीला रंग जल का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं नीले रंग की बाल्टी को बाथरूम में रखने से राहु-केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
बाथरूम की बाल्टी कभी पुरानी या फिर टूटी हुई नहीं होनी चाहिए। क्योंकि गंदी बाल्टी घर में दरिद्रता लेकर आती है।