By अभिनय आकाश | Jul 06, 2026
पहले तो अननोन गन मैन के निशाने पर सिर्फ और सिर्फ भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी थे। पाकिस्तान की गलियों में लश्कर और जैश के आकाओं को चुन चुन कर ढेर किया जा रहा था। लेकिन अब यह खेल एक खौफनाक मोड़ पर ले चुका है। अब अननोन गन मैन का निशाना बदल गया है। अब पांच सरहद पार के आतंकियों के आगे निकल कर सीधे पाकिस्तानी एयरफोर्स के उन किलों तक पहुंच गई है जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। इस्लामाबाद के सबसे सुरक्षित रेड जोोन में एयर हेड क्वार्टर के ठीक सामने पाकिस्तानी एयरफोर्स के खुफिया निर्देशालय के ग्रुप कैप्टन आसिम तारिक को गोली मार दी गई। दरअसल तारीख थी 5 जुलाई 2026, वक्त था शाम का और जगह थी इस्लामाबाद का शाहीन चौक। यह कोई आम चौराहा नहीं है। एक तरफ पाकिस्तानी एयरफोर्स का एयर हेड क्वार्टर है तो दूसरी तरफ एयर यूनिवर्सिटी। हर तरफ सीसीटीवी कैमरे, हर मोड़ पर हथियारों से लैस, संतरी और 24 घंटे चलने वाली पेट्रोलिंग। लेकिन इसी हाई सिक्योरिटी ज़ोन में मौत अपना खेल खेलती आई।
इससे पहले कि आसिम तारिक अपनी सर्विस रिवॉल्वर की तरफ हाथ बढ़ा पाते शूटर ने पॉइंट ब्लैंक रेंज से उन पर अंधाधुंध फायरिंग ठोक दी। ग्रुप कैप्टन लहूलुहान लोकत सड़क पर गिर पड़े और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। अब यहां सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या यह सिर्फ एक राह चलता अपराधी था? देखिए पाकिस्तान में पिछले दो सालों से अननोन गन मैन का एक खौफ छाया हुआ है। लश्कर तैबा जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के कई बड़े आतंकी पाक की गलियों में इसी तरह अज्ञात हमलावरों यानी अननोन गन मैन का शिकार हुए हैं। लेकिन इस बार निशाना कोई आतंकी नहीं बल्कि पाकिस्तानी एयरफोर्स का एक ग्रुप कैप्टन है। वो भी खुफिया विभाग का अफसर क्या ये एक टारगेट किलिंग है? जिसे अपहरण के ड्रामे के पीछे छुपाया गया है? अब इस्लामाबाद पुलिस ने आननफानन में पीड़ित महिला का बयान दर्ज किया। महिला ने बताया कि हमलावर कोई अजनबी नहीं था बल्कि उसके ही ऑफिस का सहकर्मी था। उसने लिफ्ट देने के बहाने उसे बैठाया और फिर रूट बदलकर किसी सुनसान जगह पर ले जाने लगा।