By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 09, 2026
लगातार दो सप्ताह। दो सुपर 300 खिताब। दो अलग-अलग खिलाड़ी। किसी भी कोच को इन उपलब्धियों पर गर्व होना स्वाभाविक है और दक्षिण कोरिया के रहने वाले भारतीय बैडमिंटन कोच पार्क ताए-सांग भी इनसे कुछ अलग नहीं हैं। यह पहला अवसर नहीं है जबकि भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने पार्क के मार्गदर्शन में खिताब जीते हैं। पीवी सिंधू ने उनके कुछ रहते हुए ही ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था।
आज तो मुझे और भी अधिक खुशी हुई क्योंकि यह अश्मिता का पहला फाइनल था और उन्होंने खिताब जीत लिया। एक कोच के तौर पर मैं बेहद खुश हूं।’’ पार्क ने इससे पहले हैदराबाद में पीवी सिंधू के साथ चार साल बिताए। वह सिंधू के तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने तक इस स्टार भारतीय खिलाड़ी के साथ रहे। सिंधू के साथ भागीदारी समाप्त होने के बाद भारतीय बैडमिंटन संघ ने पार्क से युवा खिलाड़ियों के साथ काम करने के बारे में संपर्क किया। पार्क ने कहा, ‘‘जब मैंने सिंधु के साथ काम करना शुरू किया, तब वह पहले से ही विश्व चैंपियन थीं और उनके आसपास अच्छे सीनियर खिलाड़ियों का समूह था।
इस बार मैंने सोचा, चलो निचले स्तर से शुरुआत करते हैं। इसका उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों की एक नई पीढ़ी तैयार करना था।’’ गुवाहाटी स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में तीन साल बिताने के बाद अब इसके परिणाम दिखने लगे हैं। पार्क इन दोनों खिताब को बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की तरफ पहला कदम मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पिछले दो सप्ताह में बीडब्ल्यूएफ 300 स्तर के दो खिताब जीतना अच्छी उपलब्धि है, लेकिन ये केवल 300 स्तर के टूर्नामेंट हैं। खिलाड़ी अब 500, 750 और 1000 स्तर के टूर्नामेंटों पर नजर लगाए हुए हैं।’’
पार्क ने कहा, ‘‘तन्वी और अश्मिता दोनों के लिए हमारा लक्ष्य एक ही है। उन्हें लॉस एंजिलिस में 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए तैयार करना। अगले साल एक मई से ओलंपिक क्वालीफाइंग दौड़ शुरू हो जाएगी, इसलिए अगला साल बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम अब 500 स्तर के टूर्नामेंट में भाग लेना शुरू करेंगे। हम 750 स्तर के टूर्नामेंट में भी खेल सकते हैं। आज के परिणाम के बाद अश्मिता की विश्व रैंकिंग में इतना सुधार होना चाहिए कि वह इनमें से कुछ टूर्नामेंटों में भाग ले सके।