By नीरज कुमार दुबे | Jun 21, 2025
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर भविष्य में भारत की धरती पर कोई भी आतंकवादी हमला होता है तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे क्योंकि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी खत्म नहीं हुआ है और भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने के लिए तैयार है। हम आपको बता दें कि रक्षा मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उधमपुर स्थित उत्तरी कमान के जवानों के साथ योग किया। बाद में अपने संबोधन में राजनाथ ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि भारत को ‘‘हजार घाव’’ देने की उसकी नीति कभी सफल नहीं होगी। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी इस योग सत्र में भाग लिया।
रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘भारत की धरती पर कोई भी आतंकी हमला पाकिस्तान के लिए विनाशकारी साबित होगा। भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने के लिए तैयार है।’’ उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने सीमा पार आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया। रक्षा मंत्री ने कहा, ''हम आसानी से अन्य ठिकानों को नष्ट कर सकते थे लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हमने संयम दिखाया।" उन्होंने इसका श्रेय योग को दिया जो क्रोध पर काबू पाने में मदद करता है, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है और शक्ति को नियंत्रित करता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम हमले की योजना सीमा पार बनाई गई थी और यह महज एक आतंकवादी घटना नहीं थी बल्कि इसका उद्देश्य भारत की सामाजिक और सांप्रदायिक एकता को बिगाड़ना था। उन्होंने कहा, ‘‘हमने न केवल उनकी योजनाओं को विफल किया बल्कि जवाबी कार्रवाई भी की जिससे पाकिस्तान को घुटने टेकने पड़े और उसके बाद ही हमने ऑपरेशन सिंदूर रोका।’’
हम आपको बता दें कि शुक्रवार को उधमपुर छावनी में सशस्त्र बलों के जवानों से बातचीत करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा था कि आतंकवाद के प्रति भारत की नीति में बदलाव देश के सैनिकों की अद्वितीय वीरता और समर्पण का परिणाम है। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने में सशस्त्र बलों और खुफिया एजेंसियों की सटीकता, समन्वय और साहस की सराहना की और कहा कि आतंकवाद के प्रति भारत की नीति में बदलाव उनकी अद्वितीय वीरता और समर्पण का परिणाम है। राजनाथ सिंह ने सैनिक के जीवन को साहस और बलिदान से भरा जीवन बताते हुए कहा कि राष्ट्र सदैव मातृभूमि के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सशस्त्र बलों द्वारा दी गई सेवाओं का ऋणी रहेगा। राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘यदि आप मजबूत हैं, तो हमारी सीमाएं मजबूत होंगी। जब सीमाएं मजबूत होंगी, तो भारत मजबूत होगा।’’ इस कार्यक्रम के अंतर्गत एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजनाथ सिंह के साथ सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, उत्तरी कमान के जीओसी-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे।